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मुजफ्फरनगर शंकर स्वीट्स, गर्ग स्वीट्स, ऋषि स्वीट्स,पर खाद्य विभाग की छापेमारी, भारी मात्रा में संपल भरे

दीपावली के त्योहारी सीजन पर मिलावटखोरों की शामत आ गई है। मुजफ्फरगनर खाद्य सुरक्षा आयुक्त-द्वितीय अर्चना धीरान ने बताया कि आठ टीमों ने एक साथ 10 से अधिक नामचीन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करते हुए मिठाई व अन्य नमूने भरे है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों पर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सहारनपुर से सहायक आयुक्त द्वितीय चमन लाल, जगदंबा सिंह, सुमनलाल, शिवनाथ सिंह, अमित गौतम, अक्षय प्रधान, वैशाली चौधरी, विशाल चौधरी अश्ववनी कुमार आदि मौजूद रहे।

दीपावली पर्व के अवसर पर प्रमुख सचिव और खाद्य आयुक्त के कड़े निर्देशों के बाद सहारनपुर मंडल से आई आठ विशेष टीमों ने शहर और आसपास के 10 से अधिक बड़े एवं प्रतिष्ठित मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। मंडल स्तर की बाहरी टीमों के इस औचक एक्शन से शहर के नामचीन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

सहारनपुर मंडल के जिला सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली के खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की गठित टीम ने बुधवार को मुजफ्फरनगर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग आठ टीमे सुबह 11 बजे बाजारों में उतरी और नामचीन मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान नंदी स्वीट्स और ऋषि स्वीट्स पर गहनता से जांच कर अधिक सैंपल भरे गए, क्योंकि वहां मिठाईयों में पहले भी कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं।

इन बड़ी मिठाई प्रतिष्ठानों से जांच के लिए भरे गए सैंपल

बुधवार को छापेमारी के दौरान के दायरे में शहर के कई जाने-माने ब्रांड और प्रतिष्ठानों पर जांच की गई। विभाग की टीमों ने शंकर स्वीट्स, मदनलाल, गर्ग स्वीट्स, ऋषि स्वीट्स, मंसूरपुर स्थित भगत जी स्वीट्स, दौलतराम स्वीट्स, और रामपुर तिराहा स्थित बीकानेर, हल्दीराम व नई मंडी के रुचि स्वीट्स पर पहुंचकर गहनता से जांच की। टीमों ने मिलावट के संदेह पर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और खुवा-पनीर के नमूने सील कर लिए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों से आई सिफारिश: इस बड़ी कार्रवाई के बीच राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि छापेमारी के तुरंत बाद एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को फोन कॉल कर कुछ चुनिंदा प्रभावशाली मिठाई विक्रेताओं के सैंपल लैब में न भेजने का दबाव बनाया। हालांकि, उच्च स्तर से मॉनिटरिंग होने के कारण विभागीय अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए पारदर्शी तरीके से सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की है।

ज्ञात रहे की जब तक मदन संस के पुराने मालिक रचित सिंगल ने कार्य किया तो क्वालिटी का ध्यान रखा परंतु कुछ लोग जिन्होंने प्रतिष्ठान पर अवैध रूप से कब्जा कर मालिक को स्टाफ की मिली भक्त से बेदखल कर दिया है। मिलावटी समान का प्रयोग कर छवि खराब करने में लगे हुए है,

Taja Report
Author: Taja Report

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