बरेली के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था उपचार, क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती थीं प्रधानाचार्या; निधन की खबर से शिक्षा जगत में शोक की लहर
अटेवा से भी जुड़ी थीं किरण देवी, संगठन के आंदोलनों में निभाती थीं सक्रिय भूमिका; जिले में अब तक डेंगू के 41 मरीजों की पुष्टि
मुजफ्फरनगर। जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच जैन कन्या इंटर कॉलेज नई मंडी की प्रधानाचार्या किरण देवी का उपचार के दौरान निधन हो गया। निधन की खबर से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। डेंगू की चपेट में आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई थी। गंभीर हालत में उन्हें बेहतर उपचार के लिए पहले बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया था। सोमवार शाम उनके निधन का समाचार मिलने के बाद शिक्षकों, परिचितों और शुभचिंतकों में शोक छा गया।
प्रधानाचार्या किरण देवी की गंभीर हालत को लेकर उनके पति सुदर्शन लाल ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर पोस्ट साझा कर लोगों को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि किरण देवी की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती कराया गया है। इससे पहले भी उनके आईसीयू में उपचाराधीन होने की जानकारी सामने आई थी। परिवार और शुभचिंतक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे, लेकिन सोमवार शाम उनके निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर रही है ।
किरण देवी जैन कन्या इंटर कॉलेज नई मंडी में प्रधानाचार्या के पद पर कार्यरत थीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका के साथ-साथ वह अटेवा संगठन से भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थीं। संगठन के आंदोलनों और गतिविधियों में उनकी भागीदारी रहती थी। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद शिक्षकों, शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों और संगठन के सदस्यों में शोक का माहौल है। परिचितों और शुभचिंतकों ने उनके निधन को शिक्षा जगत और संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
डेंगू और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में डेंगू के 41 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार तथा अन्य मच्छरजनित बीमारियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे समय में एक शिक्षण संस्थान की प्रधानाचार्या की डेंगू से गंभीर रूप से बीमार होने के बाद उपचार के दौरान हुई मौत ने बीमारी की गंभीरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
किरण देवी के निधन के बाद डेंगू से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत एक बार फिर चर्चा में है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जलभराव वाले स्थानों की सफाई, नालियों की नियमित सफाई, फॉगिंग और घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बुखार होने पर समय से चिकित्सकीय जांच कराने और स्वयं दवा लेने से बचने की सलाह दी जाती है। प्रधानाचार्या किरण देवी के निधन से शिक्षा जगत ने एक सक्रिय शिक्षाविद और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी करने वाली शख्सियत को खो दिया है। उनके निधन से परिवार, शिक्षकों, अटेवा सदस्यों और परिचितों में शोक व्याप्त है।


