मुजफ्फरनगर। भाजपा पिछड़ा मोर्चा मुजफ्फरनगर के तत्वाधान में भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती पर उनको श्रद्धांजलि देने के लिए सबसे ऊंचा सरदार थीम पर उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी राष्ट्रीय एकता का संदेश देने और देश के महान नेता सरदार वल्लभभाई पटेल जी के राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करने और किस प्रकार से उस समय की कांग्रेस सरकार ने सरदार जी के कार्यों को कमतर आंकने और नीचे दिखाने का कार्य किया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज कश्यप प्रदेश उपाध्यक्ष थे कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय वर्मा ने की, मंच संचालन विजय प्रजापति और मंच पर मीनाक्षी स्वरूप अध्यक्ष नगर पालिका, सत्यपाल पाल , शरद शर्मा, सुनील दर्शन, अभिषेक गुर्जर,विपिन त्यागी विराजमान थे इस कार्यक्रम में विजय वर्मा ने कांग्रेस द्वारा किए गए कुकृत्यों के बारे में समाज को बताने पर जोर दिया गया,
सर्वप्रथम सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के देहांतपरांत कांग्रेस ने गार्ड ऑफ ऑनर नहीं देने दिया। कांग्रेस द्वारा बार-बार वोट चोरी का आरोप लगाया जाता है जबकि सच्चाई में वोट चोरी तो कांग्रेस ने नेहरू गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर की थी उस समय संविधान सभा में 15 में से 14 वोट भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी को मिले थे लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल न बनकर नेहरू गांधी नेहरू गांधी को भारत का प्राइम मिनिस्टर बनाया गया। देश की धरोहर एवं ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में अहम भूमिका सरदार पटेल जी थी। कथित नेहरू गांधी परिवार ने सरनेम गांधी चुराया हुआ है उनका अपना सरनेम नहीं है, कथित नेहरू परिवार का सरनेम गांधी है ही नहीं। गांधी परिवार रायबरेली से चुनाव लड़ा और वोट चोरी की और कराई तत्पश्चात प्रधानमंत्री की कुर्सी हथियाई गई। नेहरू गांधी ने राजा हरि सिंह से देश विरोधी बात की थी तत्पश्चात राजा हरि सिंह को गुस्सा आ गया और उन्होंने नेहरू गांधी को थप्पड़ जड़ दिया था, बाद में सरदार पटेल के सहमति एवं संतुलन आग्रह से अपने राज्य का विलय स्वतंत्र भारत में किया था और जब नेहरू गांधी बाद में प्रधानमंत्री बन गए तो उन्होंने शेख अब्दुल्ला को महामंत्री बनाया तत्पश्चात मुख्यमंत्री भी बनाया और राजा हरि सिंह से अपना बदला पूरा किया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का कश्मीर में शहीद होने में कांग्रेस और गांधी परिवार का ही हाथ था।पाकिस्तान ओको पाईड कश्मीर आज भारत का हिस्सा नहीं है इसमें भी नेहरू और कांग्रेस का ही हाथ है।
सरदार पटेल की देन थी की हैदराबाद के निजाम ने अपनी रियासत स्वतंत्र भारत में विलय किया। कुल मिला कर लगभग 562 + रियासते भारत में विलय कराकर स्वतंत्र भारत का निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सचिन त्यागी, जोगेंद्र गुर्जर, सुरेंद्र कश्यप, दिनेश पुंडीर, पंकज महेश्वरी, पिंटू त्यागी, अमित पवार, नंद किशोर, रोबिन कश्यप, अमित शास्त्री , भोपाल पाल, अनुराज चौधरी, प्रवीण वर्मा, कार्तिक, रवि शर्मा, सनी वर्मा, आयुष खटीक , सागर वाल्मीकि विशाल खटिक, पंकज ठाकुर, उपस्थित थे


