नई दिल्ली। गुजरात एवं महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत से सत्यप्रकाश रेशू एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले। यह भेंट 140 करोड़ भारतीयों के चैमुखी विकास को लेकर किए गए शोध पर आधारित रही।
सर्वप्रथम कण्व आश्रम के स्वामी जयंत सरस्वती ने महामहिम को फूलों का बुके दिया, फिर सत्यप्रकाश रेशू के साथ मिलकर शाॅल ओढ़ाया। तत्पश्चात महामहिम के साथ सिसौली, अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई में योग की आध्यात्मिक शक्ति पर लंबी वार्ता हुई। जिस कारण शीघ्र ही 80 वर्षीय “आधुनिक भीम” की उपाधि से सम्मानित जयंत सरस्वती सिसौली एवं अहमदाबाद में अपना प्रदर्षन दिखाएंगे, जिससे देश की युवा शक्ति योग से जुड़ेगी, नशे से मुक्त रहेगी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’विकसित भारत 2047’ के स्वपन को पूरा करेगी।
इस अवसर पर अयोध्या के श्री राम मन्दिर निर्माण के लिए बनने वाली ”कारसेवक“ फिल्म पर भी चर्चा हुई, जिसके हर पहलू को सत्यप्रकाश रेशू ने पूरी टीम के साथ महामहिम के समक्ष स्पष्टता से रखा। जिस पर महामहिम ने अपना मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद दिया।
अंत में विदा लेते समय स्वामी जयंत सरस्वती , डाॅ. राजवीर शास्त्री एवं डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने मिलकर महामहिम राज्यपाल देवव्रत जी को माँ सरस्वती की लेखनी (पेन) भेंट की, जिससे महामहिम देश का भविष्य उच्च मार्गदर्शन के साथ लिख सकें।


