मुजफ्फरनगर (नई मंडी): श्री रामलीला कमेटी, नई मंडी के ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष महोत्सव के दूसरे दिन की लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विनय कुमार अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया तत्पश्चात मथुरा के कलाकारों ने रावण जन्म, वेदवती संवाद और जानकी जन्म के प्रसंगों का सजीव मंचन किया। रामलीला भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लीला के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार असीम शक्तियां पाने के बाद रावण का अहंकार बढ़ गया। इसके बाद दिखाए गए ‘वेदवती संवाद’ में जब अहंकारी रावण ने तपस्विनी वेदवती के शील को भंग करने का प्रयास किया, तो उन्होंने रावण को समूल नाश का श्राप दिया। अगले प्रसंग में राजा जनक द्वारा हल चलाए जाने और धरती माँ की गोद से कलश में माता सीता के प्रकट होने के मार्मिक दृश्य को सुंदरता से पेश किया गया।
मंचन से मिले मुख्य सामाजिक संदेश:
• नारी सम्मान सर्वोपरि: वेदवती प्रसंग समाज को सीख देता है कि किसी भी परिस्थिति में महिला के स्वाभिमान से खिलवाड़ विनाश को निमंत्रण देता है। आधुनिक समाज में भी नारी सुरक्षा और सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है।
• अहंकार का पतन: रावण का चरित्र दर्शाता है कि ज्ञान और शक्ति कितनी भी बड़ी हो, अहंकार बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। इसलिए ऊंचे पदों या संपन्न स्थिति में बैठे लोगों को हमेशा विनम्र रहना चाहिए। कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि श्री रामलीला की शताब्दी वर्ष के अवसर पर बड़ी डिजिटल स्क्रीन द्वारा सजीव चित्रण किया जा रहा है इस अवसर श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया, राजीव अग्रवाल, अभिषेक कुच्छल, बृज गोपाल छारिया, विदित गुप्ता, उपेंद्र मित्तल, संजय जिंदल काका, मुकेश गुप्ता सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे |


