नई दिल्ली। कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए 39 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है। जिसमें अभी हाल फिलहाल में उत्तर प्रदेश को एक तरफ रखते हुए उत्तर प्रदेश से एक भी प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया गया है। केरल के वायनाड से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रत्याशी बनाया गया है।
केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर उम्मीदवारों की लिस्ट की घोषणा की। कांग्रेस ने अपने चुनावी वादों की गारंटियों की हलचल के बीच 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए वायनाड से राहुल गांधी समेत नौ राज्यों के 39 उम्मीदवारों की पहली सूची का ऐलान कर दिया है। इस सूची में छत्तीसगढ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता शशि थरूर, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और छत्तीसगढ के नेताओं ताम्रध्वज साहू तथा ज्योत्सना महंथ समेत कई बड़े चेहरों के नाम हैं। दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ कांग्रेस ने अपनी बेहतर संभावना वाले छत्तीसगढ की आधा दर्जन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की गई है।उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्यों के किसी उम्मीदवार का ऐलान पार्टी ने नहीं किया है। लिहाजा अमेठी, रायबरेली समेत कई सीटों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। राहुल गांधी की केरल के वायनाड से दुबारा चुनाव लड़ने पर किसी तरह का संशय नहीं था और अब निगाहें उनकी उत्तरप्रदेश के अमेठी से उम्मीवारी की घोषणा पर रहेगी। कांग्रेस की पहली सूची में केरल से सबसे अधिक 16 उम्मीदवारों का पार्टी ने ऐलान कर दिया है और राहुल समेत सभी वर्तमान सांसदों को मैदान में उतारा गया है।कांग्रेस की 39 उम्मीदवारों की पहली सूची में 39 में 15 सामान्य वर्ग से हैं जबकि ओबीसी, एससी-एसटी तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 24 उम्मीदवार हैं। इसमें 12 प्रत्याशी 50 साल से कम उम्र के हैं तो आठ चेहरे 50 से 60 साल की उम्र के हैं। वहीं 12 उम्मीदवार 71 से 76 साल के बीच के हैं और बाकी सभी उम्मीदवार 60 से 70 साल की उम्र के हैं। माकन ने कहा कि कांग्रेस ने अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं और जमीनव संगठन से जुड़े नेताओं को पहली सूची में मजबूत उम्मीदवार के रूप में चयन किया है। वेणुगोपाल ने कहा कि इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी हैं और आने वाली अगली सूची में भी पार्टी बड़े नेताओं के साथ मजबूत उम्मीदवारों की घोषणा करेगी क्योंकि कांग्रेस का लक्ष्य एक-एक सीट पर जीतने का प्रयास कर भाजपा की तानाशाही सरकार को सत्ता से बाहर करना है।

