मुजफ्फरनगर। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले 01 आरोपी तथा सहयोगी आरोपिता को 10-10 वर्ष कारावास व अर्थदण्ड की कराई गई सजा सुनाई गई है।
29 मई 2019 को वादी द्वारा थाना फुगाना पर लिखित तहरीर देते हुए अवगत कराया गया कि अभियुक्त ललिता पत्नी बिट्टु निवासी ग्राम हबीबपुर सीकरी थाना फुगाना, मुजफ्फरनगर उनकी नाबालिग बहन को बहाने से अपने घर ले गयी तथा कमरे में बन्द कर दिया जहां पहले से मौजूद अभियुक्त विकास पुत्र जयभगवान निवासी ग्राम हबीबपुर सीकरी थाना फुगाना, मुजफ्फरनगर द्वारा उनकी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म की घटना कारित की गयी। वादी से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना फुगाना पुलिस द्वारा तत्काल पोक्सो एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया। थाना फुगाना पुलिस द्वारा अभियुक्त विकास व ललिता उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया तथा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। थाना फुगाना पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही पूर्ण करते हुए गुणवत्तापूर्वक विवेचना संपादित की गयी व अभियुक्तगण के विरूद्ध *दिनांक 04.08.2019 को आरोप पत्र* माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया। अपराधियों को सजा दिलाने हेतु चलाये जा रहे #OperationConviction व मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री सूरज कुमार राय के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री अक्षय संजय महाडीक, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी फुगाना श्री नरेन्द्र सिंह यादव तथा थाना प्रभारी फुगाना श्री बबलू कुमार के कुशल नेतृत्व में थाना फुगाना स्तर से प्रभावी पैरवी की गयी तथा समस्त गवाहों को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित कराया गया। अभियोजन द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये गये। एडीजीसी अपराध श्री विक्रान्त राठी व विनय अरोरा तथा पैरोकार है0का0 राजकुमार द्वारा माननीय न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन व पुलिस की प्रभावी पैरवी तथा साक्ष्यों के आधार पर आज न्यायाधीश श्रीमती मंजुला भालोटिया न्यायालय एडीजे/विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट कोर्ट नं0-1 मुजफ्फरनगर द्वारा आरोपी विकास उपरोक्त को अंतर्गत धारा 376,511,120बी भादवि व 7/8 पोक्सो एक्ट में 10 वर्ष कारावास व 35,000/- रुपये अर्थदण्ड तथा आरोपिता ललिता उपरोक्त* को अंतर्गत धारा *376,511,120बी भादवि में 10 वर्ष कारावास व 20,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।


