मुजफ्फरनगर। “B SCAM” के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर की प्रभावी कार्यवाही जागरूकता एवं सतर्कता के परिणामस्वरूप अबतक 07 बड़ी साइबर ठगी की घटनाएं होने से रोकी गयीं, लगभग ₹5 करोड़ की धनराशि बचायी गयी तथा ₹ 01 करोड 25 लाख की धनराशि होल्ड/फ्रीज करायी गयी।
वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही तथा आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाषचन्द के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर क्राइम कर्मवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में अक्टूबर माह को National Cyber Security Awareness Month के रूप में मनाए जाने के अवसर पर आमजन, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं विभिन्न संस्थानों को BOSS SCAM, डिजिटल फ्रॉड, फिशिंग, मालवेयर, फर्जी APK, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं अन्य ऑनलाइन साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही पर विशेष जोर देते हुए नागरिकों को सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने तथा किसी भी वित्तीय लेन-देन से पूर्व सत्यापन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसी क्रम में वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध “BOSS SCAM” के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर द्वारा विशेष जागरूकता एवं रोकथाम अभियान चलाया गया। इस अभियान के सकारात्मक परिणामस्वरूप अब तक 07 बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं को समय रहते होने से रोका गया, जिससे जनमानस/ व्यापारिक प्रतिष्ठानों की लगभग ₹ 05 करोड़ रुपये की धनराशि साइबर अपराधियों के हाथों में जाने से बचायी गयी। इस कार्यवाही में थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक श्री कर्मवीर सिंह, कम्प्यूटर ऑपरेटर ज्ञान सिंह, कम्प्यूटर ऑपरेटर अतुल सिंह, आरक्षी अभिषेक चौहान द्वारा विशेष सतर्कता, दक्षता एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण में प्रभावी एवं सफलतापूर्वक कार्यवाही की गई।
*अभी तक 04 बैंक खातों में ₹ 1 करोड 25 लाख रुपये की धनराशि होल्ड/फ्रीज-*
साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की धनराशि प्राप्त करने हेतु उपलब्ध कराये गये बैंक खातों की जांच एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 04 बैंक खातों को होल्ड/फ्रीज कराया गया, जिनमें उपलब्ध कुल ₹ 01 करोड 25 लाख रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया।
*व्यापारी संगठनों एवं एकाउंटेंट्स को किया गया जागरूक-*
थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर द्वारा यह पाया गया कि BOSS SCAM विशेष रूप से व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कंपनियों, होटल, फर्म एवं उनके कर्मचारियों को निशाना बनाकर अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक, मालिक अथवा प्रबंधन के नाम का दुरुपयोग कर तत्काल भुगतान अथवा गोपनीय वित्तीय कार्यवाही के निर्देश दिए जाते हैं। इस खतरे को देखते हुए थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर द्वारा जनपद के प्रमुख व्यापारी संगठनों, व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं एकाउंटेंट्स को एकत्रित कर विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा उन्हें BOSS SCAM की कार्यप्रणाली, संदिग्ध संदेश/कॉल की पहचान एवं भुगतान से पूर्व सत्यापन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
*जनपदवासियों से अपील-*
थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर द्वारा आमजन, व्यापारियों, कंपनियों एवं सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की जाती है कि
*1.* किसी भी वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक, मालिक अथवा प्रबंधन के नाम से प्राप्त तत्काल भुगतान, बैंक ट्रांसफर, निवेश अथवा अन्य वित्तीय निर्देशों पर बिना स्वतंत्र सत्यापन के कोई कार्रवाई न करें।
*2.* “फर्म/कम्पनी/ व्यवसायिक प्रतिष्ठान के स्वामी/मालिक/CEO/ MD से लेकर शीर्ष प्रबंधन तक—किसी के नाम से सोशल मीडिया पर आए वित्तीय मैसेज/कॉल के आधार पर, सत्यापन के बिना भुगतान न करें।”
*3.* किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने अथवा ठगी का प्रयास होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।


