मुजफ्फरनगर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर एस.डी. कॉलेज ऑफ लॉ, मुजफ्फरनगर में हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन, उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सेवा, सद्भाव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विचारों से परिचित कराना तथा उनके आदर्शों को वर्तमान जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी के चित्र पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु गर्ग और कॉलेज निदेशक श्रीमती मंजू मल्होत्रा द्वारा पुष्प अर्पित कर किया गया।* इस अवसर पर महात्मा गांधी के जीवन एवं उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु गर्ग ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा को जीवन का आधार बनाया। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक शिक्षण संस्थान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक के रूप में विकसित करना भी है।
कॉलेज निदेशक श्रीमती मंजू मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी जी ने समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने तथा आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में गांधी जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, अनुशासन, सत्यनिष्ठा एवं सेवा की भावना को अपनाएं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर विधि विभाग के *वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मुकुल गुप्त* ने महात्मा गांधी के विधिक एवं सामाजिक चिंतन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्तिगत जीवन के मूल्यों के रूप में नहीं देखा, बल्कि इन्हें सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों के लिए गांधी जी का जीवन विशेष रूप से प्रेरणादायी है, क्योंकि न्याय, मानव गरिमा, समानता एवं समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विधि शिक्षा के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कानून के ज्ञान का उपयोग समाज में न्याय एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए करें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गांधी जी के जीवन, सत्य एवं अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक सेवा तथा राष्ट्र निर्माण से संबंधित विचार प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने गांधी जी के आदर्शों पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम को सेवा संकल्प अभियान से भी जोड़ा गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सेवा केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन एवं सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बननी चाहिए। गांधी जी के स्वच्छता एवं सेवा संबंधी विचारों को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को स्वच्छ परिसर, स्वच्छ समाज तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंत में महात्मा गांधी के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने, सत्य एवं अहिंसा के मूल्यों को अपनाने तथा समाज में शांति, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
कॉलेज स्टाफ से डॉ. मुकुल गुप्त, डॉ. अमित चौहान, डॉ. प्रीति चौहान, छवि जैन, पूनम शर्मा, बीता गर्ग, डॉ. अभिनव गोयल, अनिता सिंह, प्रदीप सिंघल, संतोष शर्मा, अमित त्यागी, वैभव कश्यप, अमित भारद्वाज, प्रीती दीक्षित, विपुल कुमार, डॉ. दीपक मलिक, उमेशचंद त्रिपाठी, शुभम सिंघल एवं मोहम्मद आमिर आदि उपस्थित रहे


