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नेपाल नगर पालिका की ओर से मदद लेकर पहुँचे सभासद पति विकल्प जैन के गले लगकर रोया पीड़ित, लोगों की आर्थिक मदद लिया आशीर्वाद

नेपाल आपदा-ग्राउण्ड जीरों पर पीड़ितों तक पहुंची मुजफ्फरनगर की मदद

नगरपालिका अध्यक्ष के नेपाल हेल्पिंग हैंड्स अभियान की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को दी आर्थिक सहायता और राहत शिविरों में पहुंचाया खाद्यान्न

मुजफ्फरनगर। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर चलाए गए ‘नेपाल हेल्पिंग हैंड्स’ अभियान के तहत एकत्र की गई राहत सामग्री और आर्थिक सहायता अभियान की टीम ने ग्राउण्ड जीरों तक जाकर प्रभावितों तक पहुंचाई। ग्राउण्ड जीरों से नेपाल हेल्पिंग हैंड्स टीम ने जो वीडियो भेजे, वो रूला देने वाले हैं। ग्राउण्ड जीरों से टीम ने कुछ वीडियो और तस्वीरें भी साझा की हैं, जो हकीकत में एक भयावह स्वप्न की तरह हैं।

28 अगस्त को नेपाल में भीषण आपदा आई, इसके बाद नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन मदद को ध्यान में रखते हुए ‘नेपाल हेल्पिंग हैंड्स’ अभियान चलाकर लोगों ने नेपाल के साथ खड़े होने की अपील की। इसके बाद अभियान में नगरपालिका के सभासदों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा जिले के व्यापारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों ने भी सहयोग किया।

15 सितंबर को टाउनहाल से पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने राहत सामग्री से भरे वाहन को नेपाल के लिए रवाना किया था। राहत सामग्री के साथ युवा भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद विकल्प जैन के नेतृत्व में दिनेश जैन, पूर्व सभासद आशुतोष गुप्ता, मनीष चौहान और विपिन जैन भी नेपाल के लिए रवाना हुए। करीब चार दिन की यात्रा के बाद टीम काठमांडू पहुंची। नेपाल पहुंचने के बाद विश्व हिंदू महासंघ अंतर्राष्ट्रीय की अध्यक्ष अस्मिता भंडारी ने राहत अभियान में सहयोग किया। उन्होंने सीमा क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के साथ अपनी टीम के सहयोग से ‘नेपाल हेल्पिंग हैंड्स’ की टीम को आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक ग्राउण्ड जीरों पर पहुंचाया, ताकि राहत सामग्री सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा सके।

आपदा प्रभावित इलाकों में पहुंचने पर टीम ने तबाही के भयावह दृश्य देखे। कई बस्तियां और बाजार तेज बहाव के साथ आए मलबे में दबकर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में जीवन 20-25 फीट नीचे दफन हो गया। आपदा के बाद वहां के लोगों के सामने रहने, भोजन और अन्य जरूरी संसाधनों को लेकर गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। टीम ने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की।

अभियान का नेतृत्व कर रहे विकल्प जैन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को वीडियो के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया। वीडियो में आपदा के बाद तबाही के निशान, मलबे में तब्दील हुए क्षेत्र और प्रभावित लोगों की स्थिति दिखाई गई है। राहत सामग्री वितरित करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के बाद टीम नेपाल में आपदा की भयावह तस्वीरें और प्रभावित लोगों की पीड़ा अपने साथ लेकर मुजफ्फरनगर लौट आई।

विकल्प जेन ने ग्राउण्ड जीरों पर जाकर प्रभावित लोगों से बातचीत की, नगरपालिका परिषद् चौतारो के राहत शिविरों तक पहुंचे, कई गांवों में गये और अपने हाथों से मुजफ्फरनगर ऐ एकत्र की गई मदद को आपदा का दंश झेल रहे उन परिवारों के हाथों तक पहुंचाने का काम किया। विकल्प जैन बताते हैं कि जहां आपदा आई, वे क्षेत्र सेलानियों के लिए सबसे खास थे, वहां के सेल्फी प्वाइंट, प्राकृतिक नजारे और झरने लोगों को आकर्षित करते थे, लेकिन इस आपदा ने हजारों परिवारों को खत्म कर दिया। लोग मलबे में अब भी अपनों के अवशेष तलाश कर रहे हैं, उनको उम्मीद है कि कहीं न कहीं उनके लापता अपने, परिवार के लोग मिल जायेंगे, लेकिन नेपाल सरकार ने अब लापता लोगों को मृत घोषित कर दिया है, उनके दाह संस्कार का प्रबंध हो रहा है, उनके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था कर दी गई, ये उन परिवारों के लिए भयावह स्थिति है, जो अपनों की तलाश के लिए मबले को इधर से उधर कर रहे हैं। विकल्प जैन ने बताया कि वो टीम के साथ सोमवार की सुबह तक मुजफ्फरनगर पहुंच जायेंगे।

Taja Report
Author: Taja Report

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