मुजफ्फरनगर। बहुचर्चित जज रवि दिवाकर ने नशीले पदार्थ में जेल गए अशोक भारती को 10 साल बाद दोषमुक्त करार दिया।
उन्होंने फैसले में लिखा- ”यह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बेगुनाह व्यक्ति को न्याय व्यवस्था की सुस्त गति के कारण निर्दोष साबित करने में 10 साल लग गए। 10 साल तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटना ही खुद में एक दंड है। न्याय पालिका में हुई इस देरी को फिल्म दामिनी में दिखाया गया है। दामिनी फिल्म का यह डायलॉग काफी प्रसिद्ध है कि न्यायालय से तारीख पर तारीख मिलती है, परंतु न्याय नहीं”।
जज रवि दिवाकर अब तक 23 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। पिछले दिनों इन्होंने कहा था कि मैं मरना पसंद करुंगा, डरपोक जज कहलवाना पसंद नहीं करुंगा।
Author: Taja Report
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