लोकसभा का सारांश द्वारा : अभिषेक वालिया , एमडी, ताजा रिपोर्ट
बिजनौर जिले की लोकसभा सीट पर हाल ही में भाजपा एवं रालोद गठबंधन से मीरापुर विधानसभा से विधायक चंदन सिंह चौहान का टिकट फाइनल किया गया है।
ज्ञात रहे 2009 में सांसद स्वर्गीय संजय सिंह चौहान बिजनौर लोकसभा से भाजपा एवं रालोद गठबंधन से सांसद रहे थे, बात करें बिजनौर लोकसभा की तो मुजफ्फरनगर, बिजनौर एवं मेरठ के कई विधानसभा इसमें शामिल होती है। जिसमें मुजफ्फरनगर की पुरकाजी विधानसभा, मीरापुर विधानसभा, मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा बिजनौर लोकसभा सीट में शामिल होती है,
वर्तमान में बिजनौर से सांसद मलूक नागर 2019 में गठबंधन से सांसद बने थे। उससे पहले 2014 में भाजपा रालोद का गठबंधन टूटने पर कुंवर भारतेंदु भाजपा के टिकट पर बिजनौर लोकसभा से सांसद बने थे। अब हाल ही में एक बार फिर भाजपा एवं रालोद का गठबंधन हुआ है जिस पर पूर्व उपमुख्यमंत्री बाबू नारायण सिंह के पौत्र एवं स्वर्गीय सांसद संजय सिंह चौहान के पुत्र मीरापुर विधानसभा से विधायक चंदन सिंह चौहान को भाजपा एवँ रालोद गठबंधन से बिजनौर लोकसभा से प्रत्याशी घोषित किया गया है। अब चंदन सिंह चौहान को पूर्व में पूर्वजों की मिली जीत को कायम रखते हुए पूर्वजों का नाम रोशन करना है। स्व पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में स्व. बाबू नारायण सिंह ने शपथ ली थी, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद बिजनौर लोकसभा सीट से 2009 में भाजपा एवं रालोद गठबंधन से प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर स्वर्गीय सांसद संजय सिंह चौहान ने इतिहास रचा था। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए इस बार एक बार फिर चौहान परिवार भाजपा एवं रालोद गठबंधन से बिजनौर लोकसभा सीट से चंदन सिंह चौहान के रूप में चुनाव लड़ रहा है। चंदन सिंह चौहान पर बाबा जी एवं पिता जी की धरोहर को संभालने का मौका एक बार फिर भाजपा रालोद गठबंधन द्वारा दिया गया है। बात करें तो चौहान परिवार का दामन पाक एवं साफ बिजनौर लोकसभा सीट के लिए हमेशा से रहा है। स्वर्गीय सांसद संजय सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में जितने विकास कार्य कराए गए हैं उनका फल आज चंदन सिंह चौहान को मिलने जा रहा है। शायद यही विचारधारा को देखते हुए रालोद के मुखिया जयंत चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने चंदन सिंह चौहान को अपना प्रत्याशी घोषित कर बिजनौर लोकसभा को एक नया रूप देने का मन बनाया है।

