सहारनपुर। कोर्ट के आदेश पर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद को बिस्मार करने का काम शनिवार तड़के ठीक 4 बजे शुरू कर दिया। सुबह 6 बुलडोजर लगाकर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर मस्जिद का एक हिस्सा गिरा दिया है। मौके पर 5 कंपनी पीएसी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के 200 जवानों को तैनात किया गया है। आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। किसी को भी मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही मस्जिद तोड़े जाने की सूचना मिलते ही कैराना सांसद इकरा हसन शामली से सहारनपुर के लिए रवाना हुईं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया। इस दौरान इकरा हसन की वहां तैनात इंस्पेक्टर और महिला दरोगा से तीखी बहस और नोकझोंक हो गई। जब पुलिस ने जन्माष्टमी त्योहार का हवाला देकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो इकरा भड़क गईं और दो टूक कहा— “आप हमें रोककर दिखा दो, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं।” पुलिस हालात पर नजर रखे हुए है।

मौके पर पहुंचे डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद इस मामले में न्यायालय में अपील की गई थी, लेकिन अपील खारिज होने के बाद सरकारी भूमि को खाली कराने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीआईजी ने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने और शहर में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि मौके पर पांच बटालियन पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी लगातार बनी हुई है-प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। डीआईजी अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई न्यायालयीय प्रक्रिया के बाद सरकारी जमीन को खाली कराने के उद्देश्य से की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।

