मुजफ्फरनगर। श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में बी.टेक. के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यार्थियों को उद्योग जगत की कार्यप्रणाली, रोजगार की बदलती आवश्यकताओं तथा सफल करियर निर्माण के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेष गेस्ट लेक्चर ष्फ्रॉम कैंपस टू क्यूबिकलष् का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ एवं बिन्दल डुप्लेक्स, मुजफ्फरनगर के प्रबंध निदेशक पंकज अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि कॉलेज कैम्पस से वास्तविक कार्यस्थल तक की यात्रा केवल डिग्री प्राप्त करने से पूरी नहीं होती, बल्कि इसके लिए ज्ञान, कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की क्षमता का विकास आवश्यक है।
अपने संबोधन में पंकज अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने दीर्घ औद्योगिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कंपनियाँ ऐसे युवाओं की अपेक्षा करती हैं जो तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, समस्या निवारण, समय प्रबंधन और व्यावसायिक नैतिकता को भी समझते हों।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय का जीवन उनके व्यावसायिक जीवन की तैयारी का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को केवल परीक्षा और अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि प्रत्येक विषय को उसके व्यावहारिक एवं औद्योगिक उपयोग के संदर्भ में समझने का प्रयास करना चाहिए।
श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने चार वर्षों के बी.टेक. अध्ययन के दौरान अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप् तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करें तथा साथ ही संचार कौशल और पारस्परिक कौशल पर भी निरंतर कार्य करें। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जिज्ञासु रहने, प्रश्न पूछने, असफलताओं से सीखने और अपने अनुभवों से लगातार स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
गेस्ट लेक्चर के दौरान विद्यार्थियों को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री रोजगार की गारंटी नहीं है। उद्योग को ऐसे प्रोफेशनल की आवश्यकता है जो ज्ञान को वास्तविक समस्याओं के समाधान में परिवर्तित कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर की शुरुआत से ही लक्ष्य निर्धारित करने उन्हें प्राप्त करने और प्रत्येक वर्ष अपने कौशल में सुधार करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों को इन्टर्नशिप, प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक भ्रमण, प्रमाण पत्र, सेमिनार, तथा वर्कशाॅप जैसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
श्थ्तवउ ब्ंउचने जव ब्नइपबसम” विषय के माध्यम से पंकज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन और कॉर्पोरेट जीवन के बीच के अंतर को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में विद्यार्थी के पास सीखने और प्रयोग करने के पर्याप्त अवसर होते हैं, जबकि कार्यस्थल पर समयबद्धता, जिम्मेदारी, गुणवत्ता, टीमवर्क और परिणाम विशेष महत्व रखते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि उनका पहला जॉब केवल वेतन प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने, अनुभव प्राप्त करने और भविष्य के नेतृत्व के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर होना चाहिए।
लेक्चर के पश्चात विद्यार्थियों के लिए पारस्परिक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने उद्योग में करियर के अवसर, आवश्यक तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स, इंटरव्यू की तैयारी, कार्यस्थल की चुनौतियों, टीम में कार्य करने की क्षमता तथा भविष्य की रोजगार संभावनाओं से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। पंकज अग्रवाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का अपने व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर उत्तर देते हुए उन्हें अपने करियर के प्रति गंभीर एवं योजनाबद्ध दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम ने प्दकनेजतलदृ।बंकमउपं प्दजमतंबजपवद को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त वास्तविक औद्योगिक वातावरण, कार्य संस्कृति तथा भविष्य के रोजगार परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें कार्य-कुशल, आत्मविश्वासी, उत्तरदायी व रोजगार योग्य पेशेवर के रूप में विकसित करना है। इसके लिए समय-समय पर उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम, औद्योगिक भ्रमण एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में पंकज अग्रवाल को उनके बहुमूल्य समय, मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी विचारों के लिए धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया। विद्यार्थियों ने भी इस सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी बताया।


