देहरादून। नेपाल के बाद अब उत्तराखंड पर तबाही का खतरा मंडरा रहा है।
उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी इलाकों में इस वक्त बर्फ के पिघलने की रफ्तार अब डराने लगी है। बदलते मौसम और ग्लोबलवार्मिग ने पहाड़ों के पूरे सिस्टम को बिगाड़ कर रख दिया है। लगातार पिघलते ग्लेशियरों के चलते हिमालय में कई ग्लेशियर झीलें बन गईं हैं। दरअसल जब ग्लेशियर पिघलते हैं, तो उनका पानी पहाड़ों के बीच बड़े-बड़े गड्ढों में जमा होने लगता है। इन्हें ग्लेशियर झीलें कहते हैं। इनके किनारे मिट्टी, पत्थरों और बर्फ से बने एक कच्चे बांध की तरह होते हैं, जिसे मोरेनकहा जाता है।
2013 में केदारनाथ में हुआ था ऐसा
जब पानी बढ़ता है, कोई ग्लेशियर इन झीलों में टूटकर गिरता है या कोई एवलांचआता है, तो ये कच्चा बांध टूट जाता है। फिर करोड़ों लीटर पानी, बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के साथ 100 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे बस्तियों की तरफ आ जाता है। विज्ञान की भाषा में इसे GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लडकहते हैं। 2013 में केदारनाथ में ठीक ऐसा ही हुआ था।
आपदा के बाद से ही सरकार की झीलों पर नजर
केदारनाथ में आई तबाही के बाद से ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार इन झीलों पर नजर बनाए हुए है। लेकिन अब जो ताजा रिपोर्ट सामने आई है, वो रोंगटे खड़े करने वाली है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA ने साल 2024 में ग्लेशियर झीलों पर एक बेहद अहम रिपोर्ट जारी की। जिसके मुताबिक, उत्तराखंड में उस वक्त कुल 1200 ग्लेशियर झीलों में से 13 को संवेदनशील और अति संवेदनशील की कैटेगरी में रखा था। इनमें से पांच झीलें अति संवेदनशील कैटेगरी में है :-
वाडियाइंस्टीट्यूट के अध्ययन में इन्हें:-
अति संवेदनशील A — 6
संवेदनशील B — 6
कम संवेदनशील C — 13
बीच चार ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वे
हालांकि उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने इन झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन और लगातार निगरानी का काम भी शुरु कर दिया है। साल 2024 से 2026 के बीच चार ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वे भी कराया जा चुका है। अब उत्तराखंड में मंडराता ये खतरा कितना व्यापक है। इसे समझने के लिए उत्तराखंड की नदियों के बेसिन को देखिए।
अलकनंदा बेसिन: 226 झीलें
भागीरथी बेसिन: 131 झीलें
धौलीगंगाबेसिन: 19 झीलें
कुटियांगतीबेसिन: 18 झीलें
मंदाकिनी बेसिन: 12 झीलें
गौरीगंगाबेसिन: 9 झीलें
भिलंगनाबेसिन: 5 झीलें
टौंसबेसिन: 4 झीलें
यमुना बेसिन: 2 झीलें

