मुजफ्फरनगर /भोपा। प्रशासन के दावों की खुली पोल: गंग नहर कांवड़ मार्ग पर पसरा अंधेरा, घने जंगल के बीच जोखिम भरा सफर तय कर रहे ‘भोले’
*सावन के पवित्र महीने में जहां एक ओर जिला प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं धरातल पर तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं। गंग नहर कांवड़ मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जिसके कारण हरिद्वार से जल लेकर आ रहे शिवभक्तों (कांवड़ियों) को घने जंगल के बीच भारी अंधेरे में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।*
*गंग नहर कांवड़ मार्ग का एक बड़ा हिस्सा घने जंगलों से होकर गुजरता है। देर शाम ढलते ही पूरा मार्ग अंधेरे की आगोश में समा जाता है। मार्ग में लगी लाइटें या तो खराब पड़ी हैं या उन्हें जलाया ही नहीं गया है।*
*प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल*
*यात्रा शुरू होने से पहले शासन और प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जंगल वाले इस संवेदनशील हिस्से में लाइटों का न जलना प्रशासनिक लापरवाही को साफ दर्शाता है।*


