मुजफ्फरनगर। श्रावण मास के पावन पर्व पर जनपद से गुजरने वाले करोड़ों शिवभक्त श्रद्धालुओं और आमजन की सेहत से खिलवाड़ न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आयुक्त तथा जिलाधिकारी के विशेष आदेशों के अनुपालन में, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय अर्चना धीरान के कुशल निर्देशन में गुरुवार (23 जुलाई 2026) को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा एक व्यापक और सघन अभियान चलाया गया।
श्रद्धालुओं को मिलावट रहित, शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य व पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त कांवड़ मार्गों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSOs) की विशेष ड्यूटियां लगा दी गई हैं।खुद सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय अर्चना धीरान व विभाग की विशेष टीमों ने आज समस्त कांवड़ मार्गों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान मार्ग पर संचालित होने वाले समस्त होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, ठेले, रेहड़ी, फेरीवाले, फल और जूस विक्रेता समेत इन सभी प्रतिष्ठानों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कड़े निर्देश देते हुए सभी खाद्य व्यवसायियों के प्रतिष्ठानों पर उनके फूड लाइसेंस एवं पंजीकरण (Registration) प्रमाण पत्र को दृश्य स्थानों (जहां ग्राहकों की सीधी नजर पड़े) पर अनिवार्य रूप से चस्पा कराया।डिजिटल गवर्नेंस और ग्राहक संतुष्टि को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा एक और बड़ी पहल की गई है। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर “फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप” (Food Safety Connect App) के पोस्टर चस्पा किए जा रहे हैं।
इस पोस्टर पर विभाग का टोल-फ्री नंबर और एक क्यूआर (QR) कोड अंकित है। कोई भी श्रद्धालु या आम नागरिक अपने मोबाइल से इस QR कोड को स्कैन करके संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान की पूरी कुंडली (लाइसेंस व अन्य जानकारियां) देख सकता है। यदि किसी को भोजन की गुणवत्ता में कमी नजर आती है, तो वह इसी ऐप के माध्यम से तुरंत अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकता है।खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों और कारीगरों को सैनिटेशन (स्वच्छता) और हाइजीन (निजी सफाई) के कड़े नियम समझाए। इसके साथ ही कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
नो सिंथेटिक कलर: खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के हानिकारक कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पैक्ड मसालों का प्रयोग: खुले और मिलावटी मसालों की जगह केवल ब्रांडेड और बंद पैकेट वाले मसालों के प्रयोग की हिदायत दी गई है।
सड़े-कटे फलों पर बैन: कांवड़ मार्ग पर कटे हुए या सड़े-गले फलों की बिक्री को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल ताजे फलों के उपयोग की अनुमति है।
बासी भोजन पर सख्त मनाही: अधिकारियों ने निर्देश दिया कि एक समय का बना भोजन सिर्फ उसी समय परोसा जाए। दोपहर का भोजन रात में या रात का भोजन अगले दिन सुबह बेचना या परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित है। हर बार ताजा भोजन ही तैयार किया जाएगा।
स्वच्छ सब्जियां: भोजन पकाने के लिए केवल साफ और ताजी सब्जियों का ही इस्तेमाल करने को कहा गया है।अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने न सिर्फ दुकानदारों को टोका, बल्कि कांवड़ मार्गों पर मौजूद आम नागरिकों और कांवड़ियों को भी सेहत के प्रति जागरूक किया। टीम ने लोगों से अपील की कि वे सभी अत्यधिक रंग-बिरंगे (कृत्रिम रंग वाले) खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। खुले में रखे या पहले से कटे हुए फलों का सेवन बिल्कुल न करें। अपने आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।


