मुजफ्फरनगर। भोपा रोड स्थित गांधी पॉलिटेक्निक में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत महिलाकर्मी ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य पर मानसिक व कार्यस्थल पर शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद उन्होंने नई मंडी कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता ने बताया कि माता-पिता के देहांत के बाद वह 31 जुलाई 2024 से मृतक आश्रित कोटे के तहत कॉलेज में तैनात है। आरोप है कि संस्थान के कार्यवाहक प्रधानाचार्य उनका लगातार शोषण कर रहे हैं और किसी न किसी बहाने से बार-बार अपने कमरे में बुलाते हैं। बात न मानने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी प्रधानाचार्य रात के समय मोबाइल पर भद्दे मैसेज भेजकर बाद में डिलीट कर देते हैं और अवकाश के दिनों में भी असमय फोन व मैसेज कर प्रताड़ित करते हैं। महिलाकर्मी ने बताया कि मंगलवार 30 जून को भी सुबह करीब 11 बजे प्रधानाचार्य ने उन्हें अपने कमरे में बुलाकर धमकाया और गाली-गलौच करते हुए वहां से भगा दिया। आरोप है कि इस पूरे कृत्य में कॉलेज के दो प्रवक्ता भी प्रधानाचार्य का सहयोग करते हैं। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने अपने परिजनों द्वारा इस संबंध में कॉलेज प्रबंधक से भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई राहत न मिलने पर उन्हें मजबूरन पुलिस की शरण लेनी पड़ी। दूसरी ओर कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने मीडिया से बातचीत में खुद पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका तर्क है कि महिला लिपिक काम से बचने के लिए उन पर इस प्रकार के झूठे आरोप लगा रही हैं और वह अधिकांश समय अवकाश पर ही रहती हैं। वहीं नई मंडी पुलिस मामले ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।


