प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन की ओर से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया सरकार के फैसले को असंवैधानिक माना।
यह आदेश अरविंद राठौर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। सरकार के आदेश पर फिलहाल अंतरिम रोक जारी रहेगी। मामले में अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेश सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था, जिसके बाद देरी से चुनाव होने के कारण सरकार ने प्रधानों को अगले 6 महीने तक प्रशासक के रूप में काम करने का अधिकार दिया था । इसे चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्यकाल समाप्त होने पर केवल सरकारी अधिकारियों (जैसे ADO या BDO) को प्रशासक बनाने का प्रावधान है, न कि निवर्तमान प्रधानों को ।

