मुजफ्फरनगर। नई मंडी स्थित रामलीला भवन में इस्कॉन प्रचार समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की संध्याकालीन बेला में श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं आध्यात्मिकता का रसपान किया। कथा व्यास साक्षी गोपाल दास ने अपने प्रवचनों में कहा कि कलयुग में कलि के प्रभाव से बचने का एकमात्र उपाय हरिनाम महामंत्र का जाप है।
उन्होंने कहा कि यदि जीवन में वास्तविक आनंद और शांति प्राप्त करनी है तो भगवान श्रीकृष्ण के नाम का निरंतर स्मरण, चिंतन और संकीर्तन करना चाहिए। भगवान की लीलाओं का श्रवण मनुष्य को क्रोध, चिंता और मानसिक तनाव से दूर रखता है तथा जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित के मन में भगवान के प्रति जो जिज्ञासा उत्पन्न हुई थी, उसका समाधान महर्षि शुकदेव ने श्रीमद्भागवत के नवम अध्याय में विस्तार से किया। इस प्रसंग का श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से लावन्या पुरी, राकेश अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुरेंद्र अग्रवाल, कुलवंत सिंघल काकन, मनोज खंडेलवाल, गिरीश अरोरा, राजीव, स्वप्निल, अमरीश गोयल, संदीप, सोनू, अंकुर सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।


