Skip to main content

TR NEWS UP-UK

मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी का पुण्य स्मृति दिवस एवं योग दिवस मनाया

मुजफ्फरनगर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के दिव्य अनुभूति भवन, बामनहेरी में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी के पुण्य स्मृति दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष आध्यात्मिक एवं योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योग, ध्यान और आध्यात्मिकता के महत्व को समझा तथा अपने जीवन में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ सामूहिक योगाभ्यास एवं राजयोग मेडिटेशन से हुआ। उपस्थित साधकों ने योग और ध्यान के माध्यम से शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। इसके उपरांत नियमित मुरली क्लास आयोजित की गई, जिसमें ईश्वरीय महावाक्यों के माध्यम से सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संस्कार एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की गई।

कार्यक्रम में *केशवपुरी सेवा केन्द्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी* ने ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं महान आध्यात्मिक विभूति मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी, जिन्हें स्नेहपूर्वक “मम्मा” के नाम से जाना जाता है, के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

जयंती दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी का जीवन सादगी, पवित्रता, त्याग, तपस्या और पूर्ण समर्पण का अनुपम उदाहरण था। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को मानवता की सेवा तथा ईश्वरीय कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। उनके नेतृत्व, अनुशासन और मातृवत स्नेह ने लाखों लोगों के जीवन में आध्यात्मिक जागृति का संचार किया। आज भी उनका आदर्श जीवन विश्वभर के लोगों को श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता तनाव, अशांति, प्रतिस्पर्धा और नैतिक मूल्यों का ह्रास मानव जीवन को अनेक समस्याओं की ओर ले जा रहा है। ऐसे समय में योग और आध्यात्मिकता ही वह सशक्त माध्यम हैं जो व्यक्ति को आंतरिक शक्ति, मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति स्वयं की पहचान कर परमात्मा से जुड़ सकता है तथा जीवन में सुख, शांति और संतोष का अनुभव कर सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जयंती दीदी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह आत्मा, मन और बुद्धि को सशक्त बनाने की प्रक्रिया है। योग हमें स्वयं से जोड़ता है और राजयोग हमें परमात्मा से जोड़कर जीवन को श्रेष्ठ दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सभी को नियमित योगाभ्यास एवं राजयोग मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध समाजसेवी *श्री सत्य प्रकाश रेशू एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शैल जी* ने ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही जरूरतमंद क्षेत्रों में वितरण हेतु अन्न से भरी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। श्री सत्य प्रकाश रेशू ने ब्रह्माकुमारीज द्वारा विश्व शांति, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में की जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष योग सत्र में आयुष विभाग के *योगाचार्य अंकित भाई* ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने नियमित योगाभ्यास को स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन का आधार बताया।

कार्यक्रम का समापन विश्व शांति एवं मानव कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ राजयोग ध्यान द्वारा हुआ। उपस्थित सभी भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने योग एवं आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रसार का संकल्प लिया।

इस अवसर पर बीके सरला बहन, रिया, तोशी, विधि, शीतल, पूजा, शालिनी, उर्मिल, अंजू सिंघल, दीपा, गीता, संतोष, ज्योति, मंजू बत्रा,होतीलाल शर्मा, अवनीत, सतीश वर्मा, बालेश्वर त्यागी, सुभाष चंद्र गुप्ता, राजेंद्र भाई, विजय त्यागी, कपिल, वरुण सहित संस्था के अनेक भाई-बहन एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *