मेरठ। बहसूमा क्षेत्र में चर्चित अंगदवीर हत्याकांड में पुलिस ने मृतक बालक की मां को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अर्पित से हुई पूछताछ में पता चला कि मां गुरप्रीत भी इस निर्मम हत्याकांड में शामिल है। गुरप्रीत को पता था कि 16 जून को प्रेमी अर्पित उसके बेटे अंगद को कार में हत्या के लिए ले जा रहा है। इसके बाद गुरप्रीत और अर्पित के बीच लगातार कॉल पर बातचीत होती रही। दोनों के बीच काफी चैट्स, वीडियोकॉल मिले हैं। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच और तेज कर दी है।
7 साल के अंगदवीर की हत्या उसकी मां गुरप्रीत ने अपने प्रेमी अर्पित शर्मा के साथ मिलकर की थी। पुलिस पूरे मामले में 16 जून की रात ही आरोपी अर्पित को अरेस्ट कर चुकी थी। पुलिस ने जब गुरप्रीत, अर्पित के मोबाइल चैक किए तो दोनों के बीच बातचीत के सुबूत मिले। वहीं गुरप्रीत ने 16 जून को अर्पित से हुई अपनी बातचीत और कॉल डिटेल्स को डिलीट कर दिया था। जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया। जिसमें दोनों के बीच बातचीत मिली है। 16 जून को भी गुरप्रीत लगातार अर्पित से बात करती रही। जब अर्पित ने उसके बेटे अंगद की हत्या कर दी तब भी दोनों के बीच बातचीत हुई। बेटे की हत्या की बात गुरप्रीत को पता थी। वो भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल है। उसके कहने पर ही अर्पित अंगद को अपनी कार में लेकर जंगल गया था। जांच में पता चला कि अंगदवीर की मां गुरप्रीत कौर और आरोपी अर्पित के बीच अफेयर था। दोनों की काफी बातचीत होती थी। उनके चैट्स, वीडियोकॉल भी दोनों के मोबाइल फोन में मिले। गुरप्रीत ने बताया कि उसे पता था कि अर्पित 16 जून को बच्चे की हत्या करने ले जा रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी महिला ने एक दिन पहले ही अंगदवीर को अर्पित से मिलवाया था। पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसे पहले से जानकारी थी कि उसका प्रेमी अर्पित पाराशर अंगदवीर को अपने साथ ले जा रहा है। जांच एजेंसियां आरोपी महिला और मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर के मोबाइल फोन का डेटा खंगाल रही हैं। दोनों के बीच हुई बातचीत, संदेश, कॉल विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मोबाइल रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किस-किस की भूमिका रही। मामले में मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस पूछताछ में गुरप्रीत कौर ने बताया कि 14 जून रविवार की रात उसने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर को घर बुलाया था। बगल में ही चारपाई पर सो रहा अंगदवीर अचानक उठकर बैठ गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। गुरप्रीत ने कबूला कि उन्हें डर सता रहा था कि अंगद पापा या दादी को बता देगा। इसलिए अर्पित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच दी। उसने कहा कि बेटा, तेरे अंकल सामने कार में जा रहे हैं। तुझे चॉकलेट दिलाकर लाएंगे चला जा। मासूम भागकर कार में बैठ गया। उस समय उसकी दादी बलजिंदर कौर भी मीरपुर में दवाई लेने गई थी। गुरप्रीत को नहीं पता था कि जिस रास्ते से अर्पित कार लेकर जा रहा है, उस रास्ते के एक मकान में हिडन सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। उसने बेरहमी से गला रेतकर पूरा खून बहाया और हाथों की नसें भी काटीं। शव को सती आशा देवी मठ मंदिर के पास झाड़ियों में फेंकना भी संदेह पैदा करता है। ग्रामीणों का भी मानना है कि बलि देने वाले अक्सर मंदिर के आसपास ही ऐसी वारदात करते हैं। पुलिस के अनुसार घटना से एक दिन पहले 16 जून को अर्पित पाराशर, गुरप्रीत कौर और अंगदवीर रामराज बाजार स्थित एक बेकरी पर पहुंचे थे। वहां से केक खरीदा गया था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज में तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं। राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोपी अर्पित ने पहले पुलिस को बताया था कि उसकी शादी 6 महीने पहले हुई थी लेकिन पुलिस ने जब उसकी कुंडली खंगाली तो एक और झूठ सामने आ गया। अर्पित की शादी वर्ष 2022 में मुजफ्फरनगर के शाहपुर गांव की गौरी से हुई थी। पिछले दो साल से उसकी पत्नी मायके में रह रही है और दोनों का कोई बच्चा नहीं है। पुलिस अब इस मामले में अर्पित की पत्नी गौरी के भी बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है ताकि अर्पित के आपराधिक इतिहास और चाल-चलन का पता लगाया जा सके। पुलिस पूछताछ में गुरप्रीत कौर ने बताया कि 14 जून रविवार की रात उसने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर को घर बुलाया था। बगल में ही चारपाई पर सो रहा अंगदवीर अचानक उठकर बैठ गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। गुरप्रीत ने कबूला कि उन्हें डर सता रहा था कि अंगद पापा या दादी को बता देगा। इसलिए अर्पित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच दी। उसने कहा कि बेटा, तेरे अंकल सामने कार में जा रहे हैं। तुझे चॉकलेट दिलाकर लाएंगे चला जा। मासूम भागकर कार में बैठ गया। उस समय उसकी दादी बलजिंदर कौर भी मीरपुर में दवाई लेने गई थी। गुरप्रीत को नहीं पता था कि जिस रास्ते से अर्पित कार लेकर जा रहा है, उस रास्ते के एक मकान में हिडन सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। उसने बेरहमी से गला रेतकर पूरा खून बहाया और हाथों की नसें भी काटीं। शव को सती आशा देवी मठ मंदिर के पास झाड़ियों में फेंकना भी संदेह पैदा करता है। ग्रामीणों का भी मानना है कि बलि देने वाले अक्सर मंदिर के आसपास ही ऐसी वारदात करते हैं। पुलिस के अनुसार घटना से एक दिन पहले 16 जून को अर्पित पाराशर, गुरप्रीत कौर और अंगदवीर रामराज बाजार स्थित एक बेकरी पर पहुंचे थे। वहां से केक खरीदा गया था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज में तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं। राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोपी अर्पित ने पहले पुलिस को बताया था कि उसकी शादी 6 महीने पहले हुई थी लेकिन पुलिस ने जब उसकी कुंडली खंगाली तो एक और झूठ सामने आ गया। अर्पित की शादी वर्ष 2022 में मुजफ्फरनगर के शाहपुर गांव की गौरी से हुई थी। पिछले दो साल से उसकी पत्नी मायके में रह रही है और दोनों का कोई बच्चा नहीं है। पुलिस अब इस मामले में अर्पित की पत्नी गौरी के भी बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है ताकि अर्पित के आपराधिक इतिहास और चाल-चलन का पता लगाया जा सके।


