मुजफ्फरनगर। पुलिस अधीक्षक अपराध व नगर मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर द्वारा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर सुरक्षा सम्बन्धित सुझावों का किया आदान-प्रदान, साइबर अपराध पर जागरूक कर विभिन्न् हेल्पलाइनों की जानकारी दी गई।
अवगत कराना है कि मुजफ्फरनगर पुलिस जनपद में व्यापारियों व आम नागरिकों की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा समय-समय पर व्यापारियों व ट्रान्सपोर्टर संघ के पदाधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 19.06.2026 को पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ व नगर मजिस्ट्रेट श्री पंकज प्रकाश राठौर की अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ व्यापारी सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सीएफओ, व्यापार मंडल के पदाधिकारीगण, नगर क्षेत्र के थाना प्रभारी/उपनिरीक्षकगण, पीडब्ल्यूडी विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारीगण, यातायात प्रभारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध महोदया द्वारा व्यापारियों से सुझाव एवं प्रतिपुष्टि प्राप्त की गई तथा उनकी समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी लेते हुए सुरक्षा के समस्त पहलुओं की समीक्षा कर त्वरित एवं विधिक निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। महोदया द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी देते हुए व्यापारियों को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया गया। महोदया ने कहा कि पुलिस द्वारा निरंतर गश्त एवं चेकिंग की कार्यवाही की जा रही है, किन्तु व्यापारियों को भी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। सभी व्यापारी बंधुओं को अपने प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने, कैमरों की दिशा सही रखने, मुख्य मार्गों पर आपसी समन्वय से अतिरिक्त सीसीटीवी लगाने, रात्रि में प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ रखने, मार्केट में सामूहिक रूप से सुरक्षा गार्ड/चौकीदार की व्यवस्था करने, नगदी के परिवहन से पूर्व स्थानीय पुलिस को सूचित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति से खतरे की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में जागरूक किया गया।
साथ ही उपस्थित व्यापारियों को साइबर फ्रॉड/ऑनलाइन ठगी के प्रचलित तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के उपयोग के संबंध में अवगत कराया गया।


