मुजफ्फरनगर। जिले में सेन्ट्रल जीएसटी की छापेमारी की सूचना पर उद्योगपतियों और व्यापरियों में हड़कम्प मच गया। जिसके चलते कई फैक्ट्री मालिक और दुकानदार अपने कार्यालय से भाग निकले।
जैसे ही मेरठ रोड स्थित एक प्रमुख स्टील फर्म पर बुधवार को सेंट्रल जीएसटी की टीम ने अचानक छापेमारी की, उसकी सूचना पर पूरे औद्योगिक क्षेत्र में खलबली मच गई। मेरठ से पहुंची जीएसटी विभाग की टीम ने फर्म के अंदर घंटों तक सघन जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास की रोलिंग मिलों और अन्य फैक्ट्रियों के संचालकों में दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि मेरठ से आई सीजीएसटी की विशेष टीम ने जे.बी.फर्म परिसर में जैसे ही प्रवेश किया, उनके साथ आये सुरक्षा कर्मियों ने सभी निकास द्वारों को सुरक्षित कर लिया और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। विभाग के अधिकारियों ने फर्म के मौजूदा स्टॉक, कच्चे माल की आवक, बिलिंग रिकॉर्ड और पिछले कुछ वर्षों के वित्तीय लेनदेन की बारीकी से समीक्षा की। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।जीएसटी विभाग के सूत्रों का दावा है कि उक्त स्टील फर्म बड़ी संख्या में विभिन्न ट्रेडिंग फर्मों के साथ जुड़ी हुई है। आरोप है कि इन फर्मों के माध्यम से फर्जी बिलिंग या अन्य तरीकों से भारी मात्रा में कर चोरी की जा रही थी। विभाग को लंबे समय से इस संबंध में गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके आधार पर योजनाबद्ध तरीके से यह औचक कार्रवाई की गई।छापेमारी की सूचना जैसे ही औद्योगिक क्षेत्र में फैली, वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। कार्रवाई के डर से कई फैक्ट्री संचालकों और व्यापारियों ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। कुछ उद्यमी अपने पुराने खातों और बिलों को दुरुस्त करने की जुगत में लगे नजर आए।जीएसटी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से स्टील उद्योग जगत में हड़कंप है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जब्त किए गए दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी की सटीक धनराशि और इस खेल में शामिल अन्य लोगों के नामों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, फर्म प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।