मेरठ। प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज से जुड़े शैक्षिक संस्थानों की लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामला वर्ष 2011 से 2017 के बीच हुए कथित छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ शैक्षणिक संस्थानों में फर्जी छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर सरकारी छात्रवृत्ति की रकम का गलत तरीके से लाभ उठाया गया। जांच में करीब 29 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।
ईडी की कार्रवाई मेरठ स्थित महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की स्थित आरआईएमएस (RIMS) और मदरहुड इंस्टीट्यूट से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है। एजेंसी का आरोप है कि इन संस्थानों के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना में अनियमितताएं की गईं और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।
इस मामले में आरोपी मनिका शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं धर्मेंद्र भारद्वाज का नाम सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। भारद्वाज वर्तमान में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्य समिति के सदस्य भी हैं।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, संस्थानों की भूमिका और कथित रूप से हुए धन के प्रवाह की गहन जांच कर रही है।
हालांकि मामले में संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।
ईडी की इस कार्रवाई को प्रदेश के चर्चित छात्रवृत्ति घोटालों में से एक पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


