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मुजफ्फरनगर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल मासूम बालिका का जाना हाल

मुजफ्फरनगर। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल मासूम बालिका का जाना हाल* *जिलाधिकारी को आवारा कुत्तों एवं बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान हेतु विशेष कार्यबल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला चिकित्सालय में ढाई वर्षीय मासूम बालिका पर कुत्ते के हमले की अत्यंत दुःखद एवं मर्मस्पर्शी घटना की सूचना प्राप्त होते ही उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल वाराणसी से लौटने के उपरांत तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचे तथा बालिका के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपचाररत चिकित्सकों से बालिका की स्वास्थ्य स्थिति एवं उपचार प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा पीड़ित परिजनों से भेंट कर उन्हें इस विषम परिस्थिति में हरसंभव सहायता एवं पूर्ण सहयोग का आश्वासन प्रदान किया।*

 

*मंत्री कपिल देव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिका को सर्वोच्च स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उपचार में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही न बरती जाए।*

 

*घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने तत्पश्चात जिलाधिकारी से विस्तृत वार्ता कर जनसुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में आवारा कुत्तों एवं बंदरों की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) गठित करने पर बल दिया, जिससे इस समस्या का स्थायी, प्रभावी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।*

 

*उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिए कि आवारा पशुओं के प्रभावी नियंत्रण, सतत निगरानी व्यवस्था, जनजागरूकता अभियानों तथा आवश्यक निवारक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।*

 

*उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन का दायित्व केवल घटना के उपरांत संवेदना व्यक्त करना नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाना भी है। इसी उद्देश्य से प्रशासन को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए हैं, जिससे जनसामान्य को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।*

Taja Report
Author: Taja Report

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