हरिद्वार / ऋषिकेश। इस समय उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश सहित पूरे प्रदेश में चार धाम यात्रा, स्कूलों की छुट्टियां और सोमवती अमावस्या के स्नान के चलते देशभर से श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है. हरिद्वार जिसे चार धाम का प्रवेश द्वार और माँ गंगा का पावन तट कहा जाता है , इस समय यातायात के भारी दबाव और भीषण गर्मी की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है.
श्रद्धालुओं के अपने निजी वाहनों से पहुंचने के कारण प्रमुख मार्गों पर दबाव अत्यधिक बढ़ गया है: इसके चलते हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और बिजनोर हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि अभी पूरी तरह जाम नहीं लगा है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं.वाहनों की भारी संख्या के कारण शहर की अधिकांश पार्किंग फुल हो चुकी हैं, जिससे सड़कों पर चारों ओर केवल गाड़ियां ही नजर आ रही हैं. मुख्य मार्गों पर जगह-जगह जाम जैसे हालात बन रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों दोनों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है.इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना और ट्रैफिक को सुचारू रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो रहा है: ट्रैफिक पुलिस और जिला पुलिस के जवान भीषण गर्मी के बावजूद सड़कों पर मुस्तैद हैं और यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष ट्रैफिक प्लान और डायवर्सन प्लान तैयार किया है. प्रशासन द्वारा बनाए गए डायवर्सन प्लान कितने प्रभावी साबित होंगे, यह आने वाले कुछ घंटों और सोमवती अमावस्या के मुख्य स्नान के दौरान स्पष्ट हो पाएगा. श्रद्धालु न केवल ट्रैफिक से जूझ रहे हैं, बल्कि मौसम की मार भी उन पर भारी पड़ रही है. वाहनों में एसी होने के बावजूद भीषण गर्मी और धीमी रफ्तार के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और थकान का सामना करना पड़ रहा है.वाहनों में एसी होने के बावजूद भीषण गर्मी और धीमी रफ्तार के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और थकान का सामना करना पड़ रहा है. इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, गंगा स्नान और चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. वही हरिद्वार पुलिस ने यात्रियों के लिए सुझाव दिए हैं ताकि उनको कोई परेशानी ना हो
यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें, क्योंकि हाईवे पर वाहनों की गति धीमी है. वैकल्पिक मार्गों और डायवर्सन संकेतों का कड़ाई से पालन करें.भीषण गर्मी को देखते हुए अपने साथ पर्याप्त पानीजरूर रखें. शहर के बाहरी इलाकों में उपलब्ध वैकल्पिक पार्किंग स्थलों का उपयोग करने का प्रयास करें.


