हरिद्वार । सुमन नगर में सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से नौगजा पीर मजार का निर्माण किया गया था। इसको गिराने के लिए बुलडोजर चलाया। मजार को गिराने के बाद उसके नीचे से कोई प्राचीन अवशेष या मानव अवशेष नहीं मिले। दरअसल, गढ़मीरपुर गांव के पास सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध मजार बनाई गई थी। इसे प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दिया है।
नौगजा पीर मजार के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद जवाब नहीं दिया गया। इस पर बुधवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने बुलडोजर से मजार का पूरा ढांचा गिरा दिया और करीब 10 बीघा जमीन को कब्जामुक्त करा दिया। सुमननगर इलाके में बरसाती नदी के किनारे टिहरी विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन पर कुछ लोगों ने मजार बनाकर कब्जा कर लिया था। मजार के अवैध निर्माण मामले की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच शुरू की। इस मामले में कब्जेधारियों को नोटिस जारी की गई। प्रशासन की ओर से तय समय तक कोई जवाब नहीं मिलने के बाद एक्शन की तैयारी की गई। बुधवार सुबह एसडीएम जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इलाके में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने अवैध निर्माण के मामलों पर तेवर सख्त किया है। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गढ़मीरपुर के पास कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। समय पर जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को हटाया गया। डीएम और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर बुधवार को अपर रोड, मनसा देवी उड़न खटोला मार्ग और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ किया कि सड़क-फुटपाथ पर किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामले सामने आते ही सख्त एक्शन होगा।