नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उधमिता मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित SAARTHI (Strategic Advisory and Reforms Taskforce for Holistic ITI Transformation) की प्रथम बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सहभागिता कर कौशल विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण एवं सुझावों को साझा किया।
बैठक में देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक, उद्योगोन्मुख एवं तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन एवं अन्य उभरती तकनीकों से संबंधित फ्यूचर स्किल्स को पाठ्यक्रम में शामिल करने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना समय की मांग है। ITI संस्थानों का आधुनिकीकरण, उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी तथा तकनीक आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित कर हम युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। SAARTHI पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास विकसित भारत के संकल्प की आधारशिला है। वर्तमान समय में युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकों एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी “स्किल इंडिया मिशन” ने देश में कौशल विकास को नई दिशा प्रदान की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ITI संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, नई तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार तथा उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगारोन्मुख बनाने के लिए अनेक अभिनव पहल की जा रही हैं।
बैठक में राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, तेलंगाना सरकार के मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकट स्वामी तथा गुजरात सरकार के मंत्री कुंवरजीभाई मोहनभाई बावलिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों एवं कौशल विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
SAARTHI पहल के माध्यम से ITI संस्थानों के समग्र परिवर्तन, प्रशिक्षण प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा युवाओं को भविष्य की चुनौतियों एवं अवसरों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

