नोएडा। नोएडा कांड में गिरफ्तार मास्टरमाइंड ने खुलासा किया कि उनका मुख्य उद्देश्य नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सक्सेस नहीं होने देना था। इसके अलावा विदेशी कंपनियों को भी निशाना बनाना था। उनके हैंडलर ने उन्हें जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बर्बाद करने के लिए हिंसा करने के लिए उन्हें 22 करोड रुपए टुकड़े टुकड़ों में दिए गए थे। इसके लिए बहुत पहले से साजिश रची जा रही थी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भड़के श्रमिक आंदोलन में कई शोरूम में आग लगा दी गई थी। साथ ही कई कारों में तोड़फोड़ हुई थी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के मामले में कई और चौंकाने वाली बात सामने आई है। एसटीएफ और पुलिस के सूत्रों ने दावा किया है कि तमिलनाडु से गिरफ्तार हुए आरोपी आदित्य आनंद ने बताया कि शहर में बड़ी विदेशी कंपनियों और नोएडा एयरपोर्ट के काम को भी प्रभावित करना था। इससे स्थानीय स्तर का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन अंतराष्ट्रीय स्तर तक फैलता और बड़े पैमाने पर अस्थिरता पैदा हो सके। लेकिन योगी पुलिस ने तीव्रता से स्थिति संभाल ली और दर्जनों लीडर्स को हिरासत में ले लिया। आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान भरपाई की घोषणा सुनते ही भीड़ तितर बितर हो गई।
एसटीएफ और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदित्य आनंद ने पूछताछ में बताया कि मजदूर आंदोलन की आड़ में नोएडा में संचालित विदेशी कंपनियों और विशेष रूप से जेवर स्थित एयरपोर्ट के काम को प्रभावित करने की साजिश बनाई गई थी। इसके लिए कई मजदूर संगठनो को विदेशी फंडिंग की गई थी। जांच एजेंसियां अब इस एंगल पर गहराई से जांच कर रही है।