लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। प्रभु श्रीराम से द्रोह करने वालों को धरती पर जगह नहीं मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव व लैंड जिहाद के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इसके विरुद्ध समाज को एकजुटता के साथ खड़ा होना होगा। तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है।
मंगलवार को राजधानी में तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यकाल में गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस प्रकार जनचेतना का जागरण किया था, उसी परंपरा को आज स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज आगे बढ़ा रहे हैं।

