मुजफ्फरनगर। चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसो. व राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय जाट महासभा अशोक बालियान ने कहा कि जाट समाज के प्रबुद्ध जनों का पुनः आग्रह है कि वे संयम बरतें और किसी भी प्रकार की विवादित या भड़काऊ पोस्ट साझा करने से बचें।
जनपद मेरठ के सकौती में महाराजा सूरजमल जी की प्रतिमा की स्थापना के दौरान उत्पन्न विवाद तथा उसके बाद सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर चिंता व्यक्त करते हुए जाट समाज के प्रबुद्ध जनों ने पूर्व में युवाओं से विनम्र अपील की थी कि वे इस विषय में संयम बरतें और कोई भी विवादित पोस्ट साझा न करें।
जाट समाज के युवाओं ने हमारी इस अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग किया। किन्तु खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के एक घटक द्वारा अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय नेताओं के प्रति असोभनीय टिप्पणियाँ की जा रही हैं, जो कि अत्यंत अनुचित है।
अतः जाट समाज के प्रबुद्ध जनों का अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के संबंधित घटक से पुनः आग्रह है कि वे संयम बरतें और किसी भी प्रकार की विवादित या भड़काऊ पोस्ट साझा करने से बचें। इस प्रकार की गतिविधियों से जाट संस्थाओं के प्रति आम जनता का विश्वास कम होता है, जो समाजहित में उचित नहीं है।


