Taja Report

बुधवार विशेष : पंचाग एवँ राशिफल

*卐~ आज का हिन्दू पंचांग ~卐*

*🌞दिनांक – 01 अप्रैल 2026*

*⛅दिन – बुधवार*

*⛅विक्रम संवत् – 2083*

*⛅अयन – उत्तरायण*

*⛅ऋतु – वसंत*

*⛅मास – चैत्र*

*⛅पक्ष – शुक्ल*

*⛅तिथि – चतुर्दशी प्रातः 07:06 तक तत्पश्चात् पूर्णिमा*

*⛅नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 04:17 तक तत्पश्चात् हस्त*

*⛅योग – वृद्धि दोपहर 02:51 तक तत्पश्चात् ध्रुव*

*⛅राहुकाल – दोपहर 12:31 से दोपहर 02:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅सूर्योदय – 06:19*

*⛅सूर्यास्त – 06:42 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*

*⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:46 से प्रातः 05:33 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅अभिजीत मुहूर्त – कोई नहीं*

*⛅निशिता मुहूर्त – मध्यरात्रि 12:07 से मध्यरात्रि 12:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*🌥️व्रत पर्व विवरण – चैत्र पूर्णिमा व्रत, सर्वार्थसिद्धि योग (शाम 04:17 से प्रातः 06:19 अप्रैल 02 तक)*

*🌥️विशेष – पूर्णिमा और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*

*🔹पूर्ण विकास की १६ सीढ़ियाँ🔹*

*🔹ये १६ बातें समझ लें तो आपका पूर्ण विकास चुटकी में होगा ।*

*🔸 (१) आत्मबल : अपना आत्मबल विकसित करने के लिए ‘ॐ… ॐ…. ॐ… ॐ… ॐ…’ ऐसा जप करें ।*

*🔸 (२) दृढ़ संकल्प : कोई भी निर्णय लें तो पहले तीसरे नेत्र पर (भ्रूमध्य में आज्ञाचक्र पर) ध्यान करें फिर निर्णय लें और एक बार कोई भी छोटे-मोटे काम का संकल्प करें तो उसमें लगे रहें ।*

*🔸 (३) निर्भयता : भय आये तो उसके भी साक्षी बन जायें और उसे झाड़कर फेंक दें । यह सफलता की कुंजी है ।*

*🔸 (४) ज्ञान : आत्मा-परमात्मा और प्रकृति का ज्ञान पा लें । यह शरीर ‘क्षेत्र’ है और आत्मा ‘क्षेत्रज्ञ’ है । इस शरीररूपी खेत के द्वारा हम कर्म करते हैं अर्थात् बीज बोते हैं और फिर उसके फल मिलते हैं । तो हम क्षेत्रज्ञ हैं शरीर को और कर्मों को जाननेवाले हैं । प्रकृति परिवर्तित होनेवाली है और हम एकरस है। बचपन परिवर्तित हो गया, हम उसको जाननेवाले वही-के-वही हैं । गरीबी अमीरी चली गयी, सुख-दुःख चला गया लेकिन हम हैं अपने- आप, हर परिस्थिति के बाप। ऐसा दृढ़ विचार करने से, ज्ञान का आश्रय लेने से आप निर्भय और निःशंक होने लगेंगे ।*

*🔸 (५) नित्य योग : नित्य योग अर्थात् आप भगवान में थोड़ा शांत होइये और ‘भगवान नित्य हैं, आत्मा नित्य है और शरीर मरने के बाद भी मेरा आत्मा रहता है’ इस प्रकार नित्य योग की स्मृति करें ।*

*🔸 (६) ईश्वर-चिंतन : सत्यस्वरूप ईश्वर का चिंतन करें ।*

*🔸 (७) श्रद्धा : सत्शास्त्र, भगवान और गुरु में श्रद्धा यह आपके आत्मविकास का बहुमूल्य खजाना है ।*

*🔸 (८) ईश्वर विश्वास : ईश्वर में विश्वास रखें । जो हुआ, अच्छा हुआ, जो हो रहा है, अच्छा है और जो होगा वह भी अच्छा होगा, भले हमें अभी, इस समय बुरा लगता है । विघ्न-बाधा, मुसीबत और कठिनाइयों आती हैं तो विष की तरह लगती हैं लेकिन भीतर अमृत सैंजोये हुए होती हैं । इसलिए कोई भी परिस्थिति आ जाय तो समझ लेना, ‘यह हमारी भलाई के लिए आयी है ।’ आँधी-तूफान आया है तो फिर शुद्ध वातावरण भी आयेगा ।*

*🔸 (९) सदाचरण : वचन देकर मुकर जाना, झूठ-कपट, चुगली करना आदि दुराचरण से अपने को बचाना ।*

*🔸 १०) संयम : पति-पत्नी के व्यवहार में, खाने-पीने में संयम रखें । इससे मनोबल, बुद्धिबल, आत्मबल का विकास होगा ।*

*🔸 (११) अहिंसा : वाणी, मन, बुद्धि के द्वारा किसीको चोट न पहुंचायें । शरीर के द्वारा जीव- जंतुओं की हत्या, हिंसा न करें ।*

*🔸 (१२) उचित व्यवहार : अपने से श्रेष्ठ पुरुषों का आदर से संग करें । अपने से छोटों के प्रति उदारता, दया रखें । जो अच्छे कार्य में, दैवी कार्य में लगे हैं उनका अनुमोदन करें और जो निपट निराले हैं उनकी उपेक्षा करें । यह कार्यकुशलता में आपको आगे ले जायेगा ।*

*🔸 (१३) सेवा-परोपकार : आपके जीवन में परोपकार, सेवा का सद्‌गुण होना चाहिए । स्वार्थरहित भलाई के काम प्रयत्नपूर्वक करने चाहिए । इससे आपके आत्मसंतोष, आत्मबल का विकास होता है ।*

*🔸 (१४) तप : अपने जीवन में तपस्या लाइये । कठिनाई सहकर भी भजन, सेवा, धर्म-कर्म आदि में लगना चाहिए ।*

*🔸 (१५) सत्य का पक्ष लेना : कहीं भी कोई बात हो तो आप हमेशा सत्य, न्याय का पक्ष लीजिये । अपनेवाले की तरफ ज्यादा झुकाव और परायेवाले के प्रति क्रूरता करके आप अपनी आत्मशक्ति का गला मत घोटिये । अपनेवाले के प्रति न्याय और दूसरे के प्रति उदारता रखें ।*

*🔸 (१६) प्रेम व मधुर स्वभाव : सबसे प्रेम व मधुर स्वभाव से पेश आइये ।*

*🔸 ये १६ बातें लौकिक उन्नति, आधिदैविक उन्नति और आध्यात्मिक अर्थात् आत्मिक उन्नति आदि सभी उन्नतियों की कुंजियाँ हैं ।*

राशिफल

मेष- रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्धिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। लाभकारी गतिविधियों में संक्रियता रहेगी। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। शुभांक-5-8-9

वृष- कुछ एकाग्रता की प्रवृत्ति बनेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। शुभांक-4-6-7

मिथुन- जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। परिवारजनों के सहयोग से काम बनाना आसान रहेगा। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। थाड़े प्रयास से कार्य सिद्ध होंगे। शुभ कार्य सम्पन्न होने से वातावरण आनन्द देने वाला बना रहेगा। शुभांक-3-6-9

कर्क- परिवारजन का सहयोग व समन्वय से काम बनाना आसान करेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी आर्थिक लाभ हेतु किये गए कार्यों का तत्काल प्रतिफल मिलेगा। बौद्धिक उलझनें बनी रहेगी। लाभमार्ग प्रशस्त होगा। नवीन उद्योगों के अवसर बढ़ेंगे व अभिलाषाएं पूर्ण होगी। शुभांक-5-7-8

सिंह- मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ होगा। पैतृक सम्पत्ति से लाभ मिलेगा। नैतिक दायरे में रहें। मेहमानों का आगमन होगा। विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। चिंतनीय वातावरण से मुक्ति मिलेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। शुभांक-2-6-9

कन्या- शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। यश-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। शुभांक-2-5-7

तुला- कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। सुबह-सुबह की महत्वपूर्ण सिद्धि के बाद दिन-भर उत्साह बना रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। मनोरथ सिद्धि का योग है। मेहमानों का आगमन होगा। शुभांक-3-6-9

वृश्चिक- स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्धि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्ध होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्ध कार्य संपन्न हो जाएंगे। शुभांक-5-7-9

धनु- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढ़ने के अवसर प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में लाभकारी सिद्ध होंगे। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। कोई मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-3-5-7

मकर- धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। | लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्धितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। शुभांक-3-4-6

कुंभ- शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ भी होगा और पुराने मित्रों से समागम भी होगा। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। पैतृक सम्पत्ति से लाभ मिलेगा। नैतिक दायरे में रहें । शुभांक-4-7-9

मीन- श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। शुभांक-3-5-7

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Author: Taja Report

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