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प्रशासन की चेतावनी- दोपहर के तीन घंटे सबसे खतरनाक, लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी
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मुजफ्फरनगर। दिनांक 20 मई 2026 मई की तपती दोपहर अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और चल रही गर्म हवाओं ने हालात चिंताजनक कर दिए हैं। पारा चढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। इसी को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने विस्तृत एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय सबसे ज्यादा खतरनाक है और इस दौरान खुली धूप में निकलना गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार ने बताया कि तेज गर्मी सिर्फ इंसानों ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। खासतौर पर छोटे बच्चों और जानवरों को बंद गाड़ियों में छोड़ना बेहद खतरनाक है, क्योंकि कुछ ही मिनटों में गाड़ी का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है।
शरीर पर सीधे असर डाल रही गर्म हवाएं
प्रशासन के मुताबिक हीट वेव शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। इसके लक्षणों में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, घबराहट, उल्टी, तेज पसीना आना और बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
दोपहर में बाहर निकलने से बचें
एडवाइजरी में लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने की सलाह दी गई है। यदि बहुत जरूरी काम हो तभी बाहर निकलें। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें तथा छाते या गीले कपड़े का इस्तेमाल करें। प्रशासन ने कहा है कि सूती और ढीले कपड़े पहनें, तंग कपड़ों से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
बासी भोजन और लापरवाही से बढ़ सकता है खतरा
गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो जाता है। प्रशासन ने लोगों को बासी और संक्रमित भोजन से दूर रहने की हिदायत दी है। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक कमजोरी महसूस हो या तबीयत बिगड़े तो तुरंत प्राथमिक उपचार देकर चिकित्सकीय सहायता ली जाए।
सरकारी दफ्तरों में प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी कार्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा किट रखने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कार्यालय में फर्स्ट एड किट उपलब्ध नहीं पाई गई तो संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
घर और कार्यस्थल को ठंडा रखने की सलाह
लोगों को घरों में पर्दों का इस्तेमाल करने, दिन में खिड़कियां बंद रखने और शाम के समय उन्हें खोलने की सलाह दी गई है ताकि घर का तापमान नियंत्रित रहे। पंखे, गीले कपड़े और बार-बार स्नान करने को भी फायदेमंद बताया गया है। वहीं कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था रखने और कर्मचारियों को सीधे धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
इंसानों के साथ पशु-पक्षियों की भी चिंता
प्रशासन ने लोगों से पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। बताया गया कि भीषण गर्मी में पानी की कमी के कारण कई पक्षी और जानवर दम तोड़ देते हैं। लोगों से कहा गया है कि घरों के बाहर, छतों और बालकनी में पानी से भरे बर्तन रखें। पानी गर्म होने पर उसे बदलते रहें ताकि परिंदों और आवारा पशुओं को राहत मिल सके।
24 घंटे सक्रिय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर
कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए लोग टोल फ्री नंबर 1077, 0131-2436918 और 9412210080 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गर्मी को हल्के में न लें और जारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें।


