मुजफ्फरनगर। गुरुवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। मां दुर्गा 9 दिनों तक घरों में विराजेंगी। गुरुवार को दुर्गा पूजा को लेकर कलश की स्थापना होगी। 27 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी। सनातन धर्म में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पक्ष से नववर्ष माना जाता है। नवरात्र पूजन को लेकर मंदिरों में तैयारी हो रही है।
गुरुवार से भारतीय नव वर्ष – विक्रम संवत 2083 (रौद्र संवत्सर) का शुभारंभ हो रहा है। यह नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होता है, जिसे सृष्टि के आरंभ का दिन माना जाता है। भारतीय काल गणना विश्व की सबसे प्राचीन एवं वैज्ञानिक प्रणाली है, जो प्रकृति, ऋतुओं और ग्रह-नक्षत्रों के संतुलन पर आधारित है।
इस दिन से नवरात्रि, घटस्थापना, तथा गुड़ी पड़वा और उगादी जैसे महत्वपूर्ण उत्सवों की शुरुआत होती है। यह समय नए संकल्प, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है। हम सभी को चाहिए कि इस भारतीय नव वर्ष को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने घर एवं कार्यस्थल पर मनाएं — और इसे अंग्रेजी नव वर्ष से भी अधिक महत्व दें। इस पावन अवसर पर अपने मित्रों, परिवारजनों एवं रिश्तेदारों को फोन कॉल, संदेश एवं सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं अवश्य साझा करें, ताकि इस पर्व का महत्व अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
आइए, इस नव संवत्सर का स्वागत नई ऊर्जा, सकारात्मकता और भारतीय संस्कारों के साथ करें।
आप सभी को भारतीय नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏

