卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐
🌞दिनांक – 14 मार्च 2026
⛅दिन – शनिवार
⛅विक्रम संवत् – 2082
⛅अयन – उत्तरायण
⛅ऋतु – वसंत
⛅मास – चैत्र
⛅पक्ष – कृष्ण
⛅तिथि – दशमी सुबह 08:10 तक तत्पश्चात् एकादशी
⛅नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा प्रातः 04:49 तक तत्पश्चात् श्रवण
⛅योग – वरीयान प्रातः 10:43 तक तत्पश्चात् परिघ
⛅राहुकाल – सुबह 09:37 से सुबह 11:06 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) 
⛅सूर्योदय – 06:37
⛅सूर्यास्त – 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:01 से प्रातः 05:49 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅निशिता मुहूर्त – मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
🔹क्रोध पर नियंत्रण कैसे पायें ?🔹
🔸क्रोध भस्मासुर है, करा-कराया सब खाक कर देता है । जिन्हें क्रोध पर नियंत्रण पाना हो वे नीचे दिये गये सरल एवं कारगर उपायों में से एक या अधिक उपायों का लाभ अवश्य लें ।
🔸(१) एक कटोरी में जल लेकर उसमें देखते हुए ‘ॐ शांति… शांति… शांति… ॐ…’ इस प्रकार २१ बार जप करें और वह जल पी लें तो क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आयेगी ।
🔸(२) जब क्रोध आये तो उस समय अपना विकृत चेहरा आईने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जायेगा ।
🔸(३) सुबह नींद में से उठते ही बिस्तर पर बैठ के ललाट पर तिलक करने की जगह पर अपने सद्गुरु या इष्ट का ध्यान करें । बाद में संकल्प करते हुए एवं यह मंत्र बोलते हुए क्रोध की मानसिक रूप से अग्नि में आहुति डालें: ॐ क्रोधं जुहोमि स्वाहा ।
🔸(४) एक नग आँवले का मुरब्बा रोज सुबह खायें व शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर दूध पी लें, इससे विशेषकर पित्तप्रकोपजनित क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी । (शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन न करें ।)
🔹कब्जनाशक प्रयोग🔹
कब्ज अनेक रोगों का गढ है । कब्ज दूर करने के लिए निम्न उपाय करें ।
🔸 रात को हरड़ पानी में भिगोकर रखें । सुबह थोड़ी सी हरड़ उसी पानी में रगड़ें और थोड़ा सा नमक मिलाकर पियें ।
🔸 सूर्योदय से पहले खाली पेट रात का रखा हुआ पानी आवश्यकतानुसार पियें (गुनगुना हो तो उत्तम) ।
🔸 मेथी के पत्तों की सब्जी खायें ।
🔸 धनिया, पुदीना, काला नमक व काली मिर्च की चटनी भोजन के साथ लें ।
🔸 श्वास बाहर निकालकर गुदाद्वार का संकोचन विस्तरण (अश्विनी मुद्रा) करने को थलबस्ती कहते हैं। यह प्रयोग रोज तीन-चार बार करने से भी कब्ज दूर होता है और वीर्यहानि, स्वप्नदोष एवं प्रदर रोग से रक्षा होती है । व्यक्तित्व विकसित होता है ।
राधे राधे 💐🙏
दैनिक राशिफल: 14 मार्च, 2026, शनिवार
मेष : मन प्रसन्न बना रहेगा। अचल संपति की खरीद अथवा कृषि उद्यम में रुचि पैदा होगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। आपसी प्रेम-भाव में बढ़ोतरी होगी। भविष्य की योजनाओं पर विचार विमर्श होगा। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। सभी का सहयोग मिलेगा। शुभांक-1-3-5
वृष : दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी के कारण तनाव पैदा हो सकता है। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। उतावलेपन से बचें। प्रेमभाव बढ़ेगा। शुभांक-3-6-9
मिथुन : घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। मनोरथ सिद्घि का योग है। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। सभा-सोसायटी में सम्मान मिलेगा। पद-प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-5-6-7
कर्क : सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। प्रेमभाव बढ़ेगा। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। शुभांक-3-5-7
सिंह : कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। स्वविवेक से कार्य करें। दुर्लभ स्वप्न साकार होंग। शुभांक-3-5-7
कन्या : आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलेगा शुभांक-2-5-7
तुला : आय-व्यय समान रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। मेल-मिलाप से कोशिश सफल होगी। शुभांक-2-4-6
वृश्चिक : कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सबेरे ही निपटा लें क्योंकि आगे कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। शुभांक-3-6-9
धनु : यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। अपने काम को प्राथमिकता से करें ङ्क्षचतनीय वातावरण से मुक्ति मिलेगी। शुभांक-4-6-8
मकर : मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। नैतिक दायरे में रहें। मेहमानों का आगमन होगा। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। वाहन चालन में सावधानी बरतें। आय के अच्छे योग बनेंगे। सफलता मिलेगी। शुभांक-3-6-8
कुंभ : परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। सफलता मिलेगी। शुभांक-3-6-8
मीन : अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। इच्छित कार्य सफल होंगें। सुख-आनंद कारक समय है। शुभांक-2-4-6


