मुजफ्फरनगर। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। फिर भी गैस नहीं मिल रही है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स पर खाद्य पदार्थों के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
जंग से पहले जहां घरेलू सिलेंडर घरों में डिलीवर होता था, अब हालात ये हैं कि लोग एजेंसियों के सामने सिलेंडर लेकर लाइनों में खड़े हैं। फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही। सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। 1000 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर के लिए 1600 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। वहीं 1900 का कॉमर्शियल सिलेंडर 4000 में बिक रहा है। दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। आॅनलाइन बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पहले उपभोक्ता आॅनलाइन गैस बुक करते थे और 2 दिन के भीतर डिलीवरी हो जाती थी। अब हालात खराब हैं। एजेंसियां आॅनलाइन नंबर थम रही है लेकिन बुकिंग हो नहीं पा रही। नतीजा यह है कि गैस एजेंसियों के दफ्तरों पर भीड़ जुट रही है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्ठी की मांग बढ़ गई है। होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और ठेला संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिलेंडर की कमी के कारण कई प्रतिष्ठानों ने अपने मेन्यू से करीब 70% फूड आइटम हटा दिए हैं, जबकि कई लोग वैकल्पिक इंतजाम में जुट गए हैं। दुकानदारों द्वारा खाद्य पदार्थों के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। पंद्रह का समोसा बीस का हो गया है। चाय भी पंद्रह से बीस रुपए में मिल रही है।
उधर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे बाजार में इंडक्शन की डिमांड भी बढ़ गई है। इंडक्शन की डिमांड अब 50% तक बढ गई है। व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और ठेला संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिलेंडर की कमी के कारण कई प्रतिष्ठानों ने अपने मेन्यू से करीब 70% फूड आइटम हटा दिए हैं, जबकि कई लोग वैकल्पिक इंतजाम में जुट गए हैं।
गांवों में अब 45 दिन में सिलेंडर बुक कर सकेंगे
ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का नियम बदल दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ससंद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही मिलेगा। यानी दो सिलेंडरों के बीच अब कम से कम 45 दिन का अंतर रखना जरूरी होगा।


