मुज़फ्फरनगर। समाज में बढ़ती मोबाइल फोन की लत एवं उसके बच्चों पर पड़ रहे दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आज एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में कक्षा अष्टम तक के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं जोश के साथ सहभागिता की। विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण भी विद्यार्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर उपस्थित रहे।
रैली का शुभारंभ विद्यालय की निदेशक श्रीमती अलका जैन एवं के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर गंधर गौतम जैन द्वारा नीले, काले एवं सफेद गुब्बारे उड़ाकर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ, संस्कारित एवं संतुलित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा डिजिटल अनुशासन वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है।रैली प्रातः 10 बजे विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर हनुमान चौक, भगत सिंह मार्ग तथा शिव चौक मार्ग से होती हुई शिव चौक के पास गोस्वामी तुलसी पार्क पर जाकर संपन्न हुई। विद्यार्थियों के हाथों में आकर्षक बैनर, जागरूकता पोस्टर, काले ध्वज एवं प्रभावशाली नारे लिखी तख्तियाँ थीं। बच्चे दुकानों एवं राहगीरों को मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग से होने वाली हानियों के संबंध में पर्चे भी वितरित कर रहे थे। विशेष रूप से विद्यार्थियों ने दुकानदारों एवं नागरिकों से हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से यह शपथ भी दिलवाई कि वे अपने छोटे बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराएंगे तथा उनके स्वस्थ एवं संतुलित विकास के लिए समय और संस्कार प्रदान करेंगे।
नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हस्ताक्षर कर इस सामाजिक संकल्प का समर्थन किया। रैली के दौरान बच्चों का अनुशासन, ऊर्जा और उत्साह देखते ही बनता था। उनका अनुशासित संचलन और एक स्वर में लगाए गए नारे — “मोबाइल छोड़ो, किताबों से नाता जोड़ो”, “स्वस्थ बचपन – उज्ज्वल भविष्य”, “मम्मी पापा दूर हैं — मोबाइल का कसूर है”, “परिवार हमारा कहाँ गया… मोबाइल उसको खो गया” — ने पूरे क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया तथा जनमानस को गहराई से प्रभावित किया।
इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक विश्वदीप गोयल, प्रदेश वरिष्ठ मंत्री शिशु कांत गर्ग अधिवक्ता , रमा नगर पूर्व पंचायत अध्यक्षा एवं विभोर सिंघल, रुपेंद्र सैनी , विभोर सिंगल, प्रशांत चौधरी, मोहित मलिक, योगेश मित्तल सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समापन समारोह का सफल संचालन भूपेंद्र शर्मा द्वारा किया गया। विद्यालय की निदेशक श्रीमती अलका जैन ने अभिभावकों को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि बच्चों के सामने मोबाइल फोन का उपयोग यथासंभव कम किया जाए तथा परिवार में डिजिटल अनुशासन का वातावरण बनाया जाए, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने घर में देखते हैं।
रैली को सफल बनाने में गिरधारी लाल मैमोरियल विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण का विशेष योगदान रहा। विशेष रूप से गंधर गौतम जैन, श्रीमती नीतू सिंगल , श्रीमती सोनिका गोयल, नेहा, उर्वशी, शालिनी कौशिक, रीमा गर्ग तथा प्रदीप सैनी का सहयोग सराहनीय रहा, जिनके मार्गदर्शन एवं समर्पण से आयोजन सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बच्चों ने अपने अभिभावकों के नाम एक भावुक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने विनम्र निवेदन किया कि उन्हें अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन न दिया जाए तथा उन्हें अधिक समय, स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। विद्यार्थियों की इस भावनात्मक अपील ने उपस्थित नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया। रैली के समापन पर बच्चों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने हाथों में लिए मोबाइल फोन को डस्टबिन में डालकर यह प्रतिज्ञा ली कि वे आज से मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे और अपने समय का सदुपयोग अध्ययन एवं रचनात्मक कार्यों में करेंगे।
रैली की सफलता में स्थानीय पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके लिए विद्यालय परिवार हृदय से आभार व्यक्त करता है। विद्यालय प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि यदि समाज, अभिभावक और विद्यालय मिलकर प्रयास करें, तो बच्चों को मोबाइल की लत से बचाया जा सकता है और उन्हें एक स्वस्थ, संतुलित एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सकता है। यह रैली उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से परिपूर्ण कदम है।


