नई दिल्ली। चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर से पहले इमोशनल होकर कहा, “मेरे पास पैसे नहीं हैं, ना पैसा रहा न दोस्त… सब अकेले हैं।” कोर्ट ने सेलिब्रिटी स्टेटस पर सख्ती जताई कि कानून सबके लिए बराबर है।
2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया। पैसे लौटाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिससे कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत 7 मामले दर्ज कराए।
ट्रायल कोर्ट ने मई 2024 में 6 महीने की साधारण कैद और प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ का जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने सेटलमेंट के वादों पर सजा सस्पेंड रखी, लेकिन बार-बार भुगतान न करने पर 2 फरवरी 2026 को सस्पेंशन हटाकर सरेंडर का आदेश दिया। 4 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। सरेंडर से पहले वे भावुक हो गए और कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। कोर्ट ने जमा राशि शिकायतकर्ता को जारी करने का आदेश दिया।
राजपाल यादव एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता हैं, जो मुख्य रूप से कॉमेडी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। वे बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में अपने अनोखे हास्य के लिए लोकप्रिय हैं।

