गाजियाबाद। टास्क आधारित कोरियाई लव गेम में तीन बहनों की आत्महत्या ने समाज को झकझोर दिया है।
सॉरी पापा, आई एम न्यली सॉरी। यह शब्द गाजियाबाद की न तीन मासूम बेटियों के सुसाइड नोट के हैं, जिन्होंने ऑनलाइन गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल की अपनी बालकनी से कूदकर जान दे दी। बान नाबालिग बहनों निशिका (16), ची (14) और पाखी (12) की बत की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन की लत और कोरियाई वर गेम से प्रभावित तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने से आहत थीं। यह घटना बहिबाबाद के टीलामोड़ की भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात करीब दो जे हुई। पुलिस को किशोरियों के कमरे से पकिट डायरी मिली है, जिसमें बाठ पन्ने का सुसाइड नोट लिखा क्या है। पिता चेतन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि तीनों हनों को मोबाइल फोन की गंभीर बत थी और रोज घंटों कोरियाई गेम बला करती थीं। तीनों ने अपने कोरियाई म मारिया, अलीजा और सिंडी भी एप लिए थे। चेतन ने बताया, तीनों ने पहले उन्होंने बेटियां से फोन ले लिए थे। इस बात से तीनों बेहद परेशान थीं और छिपकर माता-पिता का फोन इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के मुताबिक, किशोरियां टास्क आधारित कोरियाई लव गेम के फेर फंस गई थीं। वह पिछले दो साल स्कूल भी नहीं जा रही थीं। चेतनकुमार ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। वह पिछले तीन साल से भारत सोसायटी में किराये के फ्लैट में दो पत्नियों सुजाता व हिना और पांच बच्चों के साथ रह रहे हैं। आत्महत्या करने वाली किशोरियों में से निशिका, चेतन की पहली पत्नी सुजाताऔर प्राची व पाखी दूसरी पत्नी हिना की बेटियां थीं। चेतन की पहली पत्नी सुजाता से कई वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई, तो उन्होंने सुजाता की बहन यानी अपनी साली हिना से शादी कर ली। इसके कुछ ही महीने बाद सुजाता से निशिका का जन्म हुआ। दूसरी पत्नी हिना से प्राची, पाखी व एक और बेटी का जन्म हुआ। बाद में पहली पत्नी से बेटा लविश (7) पैदा हुआ, जो मानसिक रूप से कमजोर है और बोल भी नहीं सकता।

