उज्जैन. विश्व‑प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गैर‑हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग ने शहर की धार्मिक बहस को सीधे सियासी बहस में बदल दिया है. वरिष्ठ पुजारी और हिंदू जागरण मंच की मांग के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी आमने‑सामने आ गई हैं.
एक तरफ इसे “आस्था और मंदिर की मर्यादा” से जोड़कर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं कि जब “भारत में जन्मा हर व्यक्ति हिंदू” जैसी बातें कही जाती हैं, फिर प्रवेश पर प्रतिबंध की जरूरत क्यों पड़ रही है. इसी मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है.
महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर में गैर‑हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने पर विचार किया जाए. उनका तर्क है कि देश के कुछ अन्य धार्मिक स्थलों पर पहले से ऐसी व्यवस्था लागू है, इसलिए महाकाल मंदिर में भी इसे लेकर नियम तय किए जा सकते हैं.

