मुज़फ्फरनगर । पूरे भारत सहित जनपद में भी यूजीसी कानून का विरोध किया जा रहा है। उसी कड़ी में संयुक्त वैश्य अग्रवाल महासभा द्वारा भी इस यूजीसी कानून के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और एक ज्ञापन भी सौंपा गया। उनका कहना है ये समानता का कानून नहीं बल्कि बांटने वाला कानून है। बोले हिन्दू एक है और इस कानून का विरोध जारी रहेगा।संयुक्त वैश्य अग्रवाल महासभा के बैनर तले आज दर्जनों व्यापारी संजय मित्तल के नेतृत्व में आज डीएम दफ़्तर पहुँचे और यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। व्यापारी नेता संजय मित्तल का कहना है कि स्वर्ण जाति के विरोध में ये कानून लाया जा रहा है सरकार को सबसे ज़्यादा टैक्स हमारी स्वर्ण जाति ही देती है।उन्होंने कहा, बनिया, ब्राह्मण, जैन, त्यागी आदि सभी जातियां स्वर्ण जाति में आती है और इसी जाति से सरकार चलती है क्योंकि सबसे ज़्यादा टैक्स सरकार को यही जाति देती है। स्वर्ण जातियाँ रीढ़ की हड्डी है। यह समानता का कानून नहीं है बल्कि बांटने वाला कानून है। हम इस कानून के ख़िलाफ़ है और मौका मिला तो इस कानून के विरोध में वोटिंग भी करेंगे।संजय मित्तल ने कहा, अगर यह यूजीसी कानून वापस नहीं होता है तो देशभर में जोरदार आंदोलन होगा। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से महासभा के अध्यक्ष संजय मित्तल, अनिल तायल महामंत्री, विश्व दीप गोयल कोषाध्यक्ष, सुनील सिंघल मावे वाले, सुरेंद्र अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, राकेश ढींगरा, सचिन पटाखा सहित अग्रवाल सभा के कई सदस्य उपस्थित रहे।


