मुजफ्फरनगर। आई आई ए के नेशनल सेकेट्री पुरी इंडस्ट्री उद्यमी कुशपुरी,डिवीजनल सेकेट्री पवन कुमार गोयल,अमित जैन चेयरमैन आईं आईं ए,राहुल मित्तल सचिव आईं आईं ए ओर अनमोल अग्रवाल यंग विंग कैप्टेन आईं आईं ए ने बजट में केन्द्र सरकार से उद्योग को राहत देने के लिए मांग की है। आई आई ए की प्रमुख मांगे MSME के लिए हमारी प्रमुख बजट माँगें (2026)सस्ता और आसान कर्ज MSME को 6–7% ब्याज दर पर टर्म लोन व वर्किंग कैपिटल मिलनी चाहिए.,CGTMSE के अंतर्गत गारंटी सीमा बढ़ाई जाएआई आई ए समय पर क्रेडिट न मिलने पर बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय हो*MSME भुगतान सुरक्षा (Payment Protection)*सरकारी विभागों/PSU द्वारा 45 दिन में भुगतान अनिवार्य किया जाये, नियम कड़े बनाये जाये,देरी पर ऑटोमेटिक पेनल्टी + ब्याज मिलना चाहिए.
MSME Samadhaan पोर्टल के आदेशों को डिग्री का दर्जा, MSME के लिए GST में राहत*
क्वार्टरली रिटर्न् + मंथली पेमेंट की सुविधा ओर
कंपोजीशन लिमिट ₹3 करोड़ की जाये।
180 दिन की भुगतान शर्त हटे या सरल बनाया जाए वही छोटे उद्योगों के लिए GST ऑडिट समाप्त होना चाहिए।आई आई ए पदाधिकारी का कहना है कि MSME के लिए इनकम टैक्स में छूट
25% फ्लैट टैक्स रेट,नई यूनिट को 3 साल तक टैक्स हॉलिडे मिलना चाहिए
Presumptive टैक्स लिमिट बढ़ाकर ₹5 करोड़
इलेक्ट्रिसिटी ओर फ्यूल कॉस्ट में राहत मिलना चाहिए। MSME के लिए इंडस्ट्रियल पावर सब्सिडी
फिक्स्ड चार्जेज कम होंने चाहिए ओर ओपन एक्सेस को सरल बनाया जाए।लेबर कम्प्लीयंस का सिंपलिफिकेशन हो।
छोटे MSME के लिए:
एक ही सिंगल विंडो कम्प्लीयंस पोर्टल हो लेबर इंस्पेक्टर राज बिल्कुल खत्म हो,नियम सरल होSelf-Certification को बढ़ावा,*टेक्नोलॉजी ओर मॉडर्नजाशन*मशीनरी अपग्रेड पर 50% कैपिटल सब्सिडी हो,इंडस्ट्री 4.0 के लिए विशेष पैकेज की घोषणा हो, जेड/लिएन स्कीम को सरल व तेज किया जाए *एक्सपोर्ट ओर मार्किट एक्सेस हो*MSME एक्सपोर्टर्स के लिए फ्रेंट सब्सिडी हो
एक्सपोर्ट क्रेडिट सस्ता हो
GeM पोर्टल पर MSME को प्राथमिकता *MSME की परिभाषा में सुधार*
टर्नओवर लिमिट बढ़ाई जाए, इन्फेलेशन को ध्यान में रखते हुए हर 5 साल में रिवीज़न हो ओर बीमार MSME के लिए रिवाइवल पैकेज,
NPA घोषित MSME के लिए,वन टाइम सेटलमेंट
मे इंटरेस्ट वेवर,मंदी से प्रभावित यूनिट्स के लिए विशेष पैकेज घोषित हो।


