मुजफ्फरनगर। रक्तदान, प्लेटलेट्स डोनेशन के साथ-साथ अब नेत्रदान में भी जिले की अग्रणी संस्था ‘समर्पित युवा समिति’ के ‘जीते जी रक्तदान – जाते जाते नेत्रदान’ अभियान को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
लुधियाना निवासी श्रीमती सुदेश रानी (75 वर्ष) अपनी बेटी व दामाद के घर आई हुई थी इसी बीच उनका स्वास्थ्य खराब हुआ चेकअप कराने पर खून की कमी बताई गई समर्पित युवा समिति के सहयोग से उन्हें तीन यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया और तीन-चार दिन में ही उनका स्वास्थ्य सुधार गया था और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
परंतु आज अचानक से उनका स्वास्थ्य उन्हें बिगड़ा और उनकी मृत्यु हो गई , उनकी बेटी मंजू नारंग व दामाद नरेश नारंग से समर्पित युवा समिति के संस्थापक सदस्य अमित पटपटिया ने दिवंगत के नेत्रदान के लिए आह्वान किया, दामाद ने तुरंत ही दिवंगत के पुत्र जो की लुधियाना में रहते हैं उनसे संपर्क किया और सभी ने एकमत होकर नेत्रदान का निर्णय लिया, तुरंत ही अमित पटपटिया ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में संपर्क किया तो लगभग 1 घंटे के भीतर ही मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज की टीम उनके निवास स्थान पर पहुंची जहां जांच करने पर दोनों कॉर्निया स्वस्थ पाई गई तो मेडिकल टीम द्वारा पूरी सजगता से सुदेश रानी जी की दोनों कॉर्निया एकत्र किये जिन्हे परिवार ने 2 जरूरतमंद मरीजों के लिए दान कर दिया।
समर्पित युवा समिति के संस्थापक सदस्य संजीव अरोड़ा ने बताया कि समिति के प्रयास से इस वर्ष 2 एवं अब तक कुल 11 लोग मरणोपरांत नेत्रदान कर चुके हैं, जिस प्रकार समर्पित युवा समिति रक्तदान के क्षेत्र में अपने समर्पण एवं निष्ठा के कारण एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है उसी प्रकार नेत्रदान में भी हम सभी पूर्ण समर्पण के साथ लगे हुए हैं और जनता को नेत्रदान के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।
हितेश आनंद ने बताया कि सभी को नारंग परिवार से प्रेरणा लेते हुए नेत्रदान के क्षेत्र में आगे आना चाहिए जिससे जरूरतमंदों की नेत्र ज्योति लौटाई जा सके हम समर्पित युवा आम जनता को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर नेत्रदान पंजीकरण शिविर लगाते रहते है जिसमें लोग काफी रुचि ले रहे है।


