मुजफ्फरनगर। छापेमारी के दौरान सीजीएसटी की टीम पर हमले के मामले में लगभग पूरा राणा परिवार ही घेरे में आ गया है। जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना के बेटे को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया गया है।
अब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त ने सिविल लाइंस थाने में पूर्व विधायक के बेटे एवं कंपनी के डायरेक्टर रहे शाह आजम राना समेत चार पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार जीएसटी का क्लेम लेने में धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पांच दिसंबर को ने जानलेवा हमले की धारा भी बढ़ा दी गई है। सीजीएसटी की टीम ने वहलना चौक के निकट पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राना की स्टील फैक्ट्री में छापा मारा था। इसके विरोध में टीम पर हमला किया गया था और पथराव कर गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी। टीम में शामिल महिला अधिकारी के साथ अभद्रता भी की गई थी। इस मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना, सद्दाम राना समेत कादिर राना की दो पुत्रियों सादिया और शारिया को गिरफ्तार किया गया था। सादिया और शारिया अंतरिम जमानत पर रिहा हुई थीं। जबकि कादिर राना के करीबी इमरान को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। उक्त मुकदमे में जांच के बाद पुलिस
दी है।
आयुक्त प्रद्युम्न चौधरी की तहरीर पर राज्यकर विभाग के सहायक सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उसमें बताया गया सर्वश्री जम्बूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट कराया। उसमें बताया गया है कि लिमिटेड कंपनी के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर वर्ष 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा द्वारा जांच की गई। कंपनी की ओर से जिन फर्म को माल सप्लाई दर्शाने के प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें चार अस्तित्व में नहीं पाई गई, जबकि एक ट्रांसपोर्ट की बिल्टियां असत्यापित पाई गई। इन गड़बड़ियों के आधार पर कंपनी पर 27 करोड़ दो
लाख 47 हजार रुपये जुर्माना और ड़ी का मुकदमा टैक्स बकाया है, जिसे कंपनी द्वारा कूटरचित दस्तावेजों से आइटीसी जमा नहीं कराया गया है। कंपनी ने क्लेम भी ले लिया गया, जिससे इसी आधार पर सर्वश्री जम्बूदीप सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई गई। एक्सपोर्ट कंपनी, कंपनी डायरेक्टर कामरान राना निवासी सुजडू चुंगी, शाह आजम राना निवासी सुजडू मेरठ रोड, जिया अब्बास जैदी निवासी मुहल्ला मल्हीपुर और तौसीफ कुरैशी निवासी बैरोन कोटला देवबंद सहारनपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। माना जा रहा है कि विवेचना के दौरान कई ओर नाम भी उजागर हो सकते हैं।

