जौनपुर। करीब तीन दर्जन मुसलमान परिवारों ने अपने पूर्वजों की विरासत को अपनाते हुए अपने नाम के आगे हिंदू सरनेम लगा लिया है। उनका कहना है कि पूर्वज ब्राह्मण और क्षत्रिय थे और सात या आठ पीढ़ी पहले उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था, अपनी जड़ों और मूल पहचान से जुड़ने के लिए यह कदम उठाया है। शेख अब्दुल्ला बने दुबे, कोई बना शुक्ला तो कोई बना तिवारी।
Author: Taja Report
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