मुजफ्फरनगर । थाना खतौली पुलिस द्वारा भानजी की हत्या के अभियोग वांछित मामा व उसके पुत्र को ग्राम खेड़ी कुरेश बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे/निशांदेही से एक तमंचा मय दो खोखा व एक जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया। मामा ने कहा कि जिस लडके से वह शादी करना चाहती थी वह उन्हें पसंद नहीं था।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि थानाक्षेत्र खतौली के ग्राम रसूलपुर कैलोरा में एक लडकी, जो अपने मामा के यहां रहती थी जिसकी मामा व मामा के लडको द्वारा हत्या करने की सूचना थाना खतौली पुलिस को प्राप्त हुई. थी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत व थाना खतौली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे जहां मृतका का शव लावारिश खडी कार में पडा हुआ मिला। जानकारी की गयी तो पता चला कि मृतका की मां व हिमांशी के नाम पर 30 वीघा जमीन थी जिसमें से 22 वीघा जमीन को बेचकर जो पैसे मिले थे उन्हे लेकर व हिमांशी के विवाह को लेकर विवाद चल रहा था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना खतौली पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 458/2024 धारा 103(1),238 बीएनएस पंजीकृत किया गया तथा उच्चाधिकारीगण द्वारा घटना को गम्भीरता को देखते हुए थाना खतौली पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा दिनांक 09.11.2024 को हत्या के अभियोग में वांछित 02 हत्याभियुक्तगण को ग्राम खेड़ी कुुरैश बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार मामा भरतवीर पुत्र हरपाल व उसका पुत्र मुकुल पुत्र भरतवीर निवासी ग्राम रसूलपुर कैलोरा थाना खतौली, मुजफ्फरनगर बताए गए हैं।
पूछताछ के दौरान भरतवीर उपरोक्त ने बताया कि हिमांशी मेरी बहन की बेटी है। मेरे बहनोई की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पूर्व हो गयी थी पिछले 2 वर्ष से हिमांशी व मेरी बहन कविता हमारे साथ रह रही थी। हिमाशी ने 1 महीना पहले विनीत निवासी सदरपुर मेरठ से कोर्ट मैरिज कर ली थी तथा दिनांक 12.11.2024 को गाजियाबाद में सामाजिक रुप से हिमांशी की शादी होनी थी। हमे यह लडका विनीत पसंद नही था क्योंकि विनीत तलाकशुदा था। हमारे द्वारा इस शादी का विरोध किया गया लेकिन हिमांशी नही मानी। दिनांक 07.11.2024 को हमने हिमांशी को शादी करने से मना किया लेकिन वह नही मानी और दिनांक 08.11.2024 की सुबह वह शादी करने के लिए गाजियाबाद जाने लगी तो हम लोगो ने उसे रोका वह शादी न करने के लिए समझाया परन्तु वह नही मानी। हमें इस बात से अपनी बेज्जती महसूस हुई मेने और अंकुश ने कहा कि मुकुल इसे गोली मार दे। मुकुल ने अलमारी से तमंचा निकालकर हिमांशी को गोली मार दी। बाद में हम लोग हिमांशी को घायल अवस्था में गाडी में डालकर बाहर ले गये। रास्ते में हिमांशी की मृत्यु हो गयी। हम हिमांशी के शव को ठिकाने लगाने जा ही रहे थे कि गांव के काफी लोग वहां इकटठे हो गये थे तथा पुलिस भी वहां आ गयी थी। जिस कारण हम लोग हिमांशी के शव को गाडी में छोडकर वहां से भाग गये।


