अमेरिका में ट्रंप की वापसी की भविष्यवाणी सफल साबित होने के बाद अब भारत को लेकर की गई भविष्यवाणियों को लेकर उत्सुकता बढ रही है।
The Prophecies’ किताब में भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने विश्व की महाशक्ति का उल्लेख कर लिखा था कि कि महाशक्ति का नया राजा उम्र के अंतिम पड़ाव पर सिंहासन पर दूसरी बार कब्जा संभालेगा। 1555 में एक देश के रूप में अमेरिका का गठन नहीं हुआ था। अमेरिका का गठन 1776 में हुआ था लेकिन नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में महाशक्ति का जिक्र किया गया है और वर्तमान समय के अनुसार अमेरिका महाशक्ति देशों में से एक है।अमेरिका में हाल में चुनाव भी हुए हैं, जिसमें ट्रंप की उम्र वर्तमान में 78 साल है। ऐसे में नास्त्रेदमस की सदियों पहले की गई भविष्यवाणी में अमेरिका चुनाव और ट्र्ंंप की जीत की झलक दिखाई देती है।
मोदी को लेकर भविष्यवाणी
फ्रांस के भविष्य वक्ता नास्त्रेदमस की सेन्चुरी ग्रंथ में फ्रेंच भाषा में लिखा हुआ है कि 2014 से लेकर 2026 तक भारत का नेतृत्व एक ऐसा आदमी करेगा जिससे लोग शुरू में नफरत करेंगे मगर इसके बाद देश की जनता उससे इतना प्यार करेंगी कि वह 20 साल तक देश की दशा और दिशा बदलने में जुटा रहेगा। इस किवंदती के अनुसार यह भविष्यवाणी सन् 1555 को की गई थी यानी 450 साल पहले हो चुकी है मोदी युग की भविष्यवाणी। नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणियों की किताब में भौगोलिक संकेत देते हुए भारत की बात करते हुए कहा कि भारत में एक मुक्तिदाता जन्म लेगा। जो राजनीति ही नहीं बल्कि धर्म के क्षेत्र में भी सक्रिय रहते हुए कई महान कार्य करेगा। उस मुक्तिदाता की उपस्थिति में वंचित वर्ग के लोगों की समस्याएं दूर होती जाएंगी और कई बड़े संकटों को टाला जा सकेगा।
नास्तेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में बहु धर्मों वाली धरती पर टकराव की बात लिखी है। धर्म को लेकर कई विवादों के साथ इंटरनेट युग आने के बाद से धर्म को लेकर लोगों के बीच सांप्रदायिक कट्टरता बढ़ी है। जिससे धर्म जोड़ने की जगह लोगों को बांटने लगा है। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के अनुसार भविष्य में इसके और भी भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
सूरज देखने को तरस जाएंगे लोग
नास्तेदमस की एक भविष्यवाणी के अनुसार दुनिया का ऐसा प्राचीन देश जो विभिन्न ऋतुओं के आगमन के लिए प्रसिद्ध है। जहां पवित्र नदियां बहती हैं, वहां मौसम का संतुलन बिगड़ जाएगा। गर्मी का प्रकोप इतना बढ़ेगा कि धरती तपती हुई नजर आएगी। वहीं, ठंड के मौसम में हड्डियां कंपकंपाने वाली सर्द हवा चलेगी। मनुष्य धूप देखने को तरस जाएंगे। इसे भी भारत के संदर्भ में देखा जा रहा है।

