मुजफ्फरनगर। पालिका में पिछले घोटालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, एक नया घोटाला और सामने आ गया। पथ प्रकाश विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सभासद देवेश कौशिक की शिकायत पर अधिशासी अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं।
देवेश कौशिक की शिकायत में कहा गया है कि नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा आपके दिशानिर्देश में जैम पोर्टल पर 3000 एलईडी स्ट्रीट लाईट के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी जिसमें मांगा गया प्रोडक्ट 30 ल्यूमैन प्रति वाट. का है, जबकि: मेरे संज्ञान में आया है कि मैसर्स सूर्या- रौशनी लिमिटिड द्वारा 45 वाट का एक ही प्रोडक्ट बनाया जाता है। लोक निर्माण विभाग के विद्युत अनुभाग की वैबसाइट को देखनैं पर पता चला हैं कि मैसर्स सूर्या रोशनी लिमिटिड का 45 वाट का केवल एक ही प्रोडक्ट अप्रूव है जिसका मॉडल 100 ल्यूमैन प्रति वाट क्षमता का है। आपके संज्ञान में लाना जरूरी होगा कि उक्त बिड में ‘कुपया कर जॉंच करा ले, कि क्या मैसर्स सूर्या रोशनी लिमिटिड का ये ही मोडल उक्त बिड में अपलोड किया गया है। यदि हाँ तो यह प्रोडक्ट लोक निर्माण विभाग, लखनऊ उत्तर प्रदेश के विद्युत अनुभाग द्वारा जारी सूची में 100 ल्यूमैन प्रति वाट क्षमता में ही अप्रूव हैं, तथा मैसर्स सूर्या रोशनी लिमिटिड का 45 वाट का. कोई भी प्रोडक्ट लोक निर्माण विभाग लखनऊ द्वारा जारी सूची में 430 ल्यूमैन प्रति वाट क्षमता का अप्रूर्व नहीं है। जब, मैसर्स सूर्या रोशनी लि0 का 45 वाट/30 ल्यूँमैन प्रतिवाट को कोई प्रोडक्ट -अप्रूंव नही है ,तो कम्पनी द्वारा उक्त प्रोडक्ट को जैम पर कैसे दिया गया। साथ ही. साथ कम्पनी द्वारा दिये. गये -सैम्पल की जॉच नगर पालिका परिषद के फ्थ प्रकाश विभाग के द्वारा आपको गुमराह करते हुए एक प्राइवेट एजेन्सी के द्वारा करायी गयी, जो कि पूरी प्रकिया को ही संन्देह के घेरे में लाता है। यदि कम्पनी द्वारा जैम पर उपरोक्त वर्णित प्रोडक्ट अपलोड कर दिया गया है, तो वह लोक निर्माण विभाग द्वारा 100 ल्यूमैन प्रति वाट है। यदि इसके अतिरिक्त कोई अन्य प्रोडक्ट सप्लायर द्वारा दिया जा रहा है, तो उसकी गुणवत्ता एंव क्षमता की जॉँच उ0प्र० शासन के लोक निर्माण विभाग लखनऊ के विद्युत अनुभाग से कराने की मांग की गई है। ईओ ने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं।


