शारदीय नवरात्र में इस बार की अष्टमी और नवमी को लेकर संयय की स्थिति है। पूछा जा रहा है कि अष्टमी कब और नवमी कब. इस दिन कन्याओं का पूजन किया जाता है. 
ज्योतिषियों के अनुसार शारदीय नवरात्रि का पर्व 3 अक्टूबर से शुरू हो चुका है, जिसका समापन 12 अक्टूबर को होगा. 10 अक्टूबर को दोपहर 12:31 से अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी, तो दूसरी तरफ 11 अक्टूबर को दोपहर 12:06 पर इसका समापन होगा. इसके साथ ही नवमी तिथि 11 अक्टूबर को दोपहर 12:06 से प्रारंभ होकर 12 अक्टूबर सुबह 10:58 पर समाप्त होगी. धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक 11 अक्टूबर को अष्टमी व्रत रखा जाएगा. क्योंकि सप्तमी युक्त अष्टमी व्रत रखना धर्म ग्रंथो में निषेध माना जाता है. साथ ही 11 अक्टूबर को अष्टमी तिथि दोपहर तक रहेगी और उसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी. अष्टमी अथवा नवमी का व्रत एक ही दिन रखा जा सकता है. इस वजह से इस वर्ष नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन मनाई जाएगी.
11 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:40 से लेकर 5:29 तो अभिजीत मुहूर्त 11:43 से लेकर 12:30 तक रहेगा. विजय मुहूर्त 2:03 से लेकर 2:49 तो इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त 5:55 से लेकर 6:19 तक रहेगा. इस मुहूर्त में आप कन्या पूजन कर सकते हैं.

